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आर्टेमिस II

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  • आर्टेमिस-II उड़ान आर्टेमिस मिशनों की श्रृंखला में पहली मानवयुक्त परीक्षण उड़ान थी।
  • लॉन्चः 1 अप्रैल 2026 को स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट से ।
  • सफल वापसीः 10 अप्रैल, 2026 को प्रशांत महासागर में दक्षिणी कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में उतरा।
  • यह 1972 के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन था।
  • उद्देश्यः चंद्रमा की कक्षा में ओरियन अंतरिक्ष यान की प्रणालियों का परीक्षण करना।
  • यात्रीः अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के अलावा कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल थे।
  • रिकॉर्ड: चारों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे दूर की यात्रा करने वाले मानव बन गए, जो 252,756 मील (406,771 किलोमीटर) की दूरी तय करके हासिल की गई।
  • विशेष तकनीकः इस मिशन में 2.3 करोड़ डॉलर की लागत वाला नया यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (स्पेस टॉयलेट) इस्तेमाल किया गया
  • नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित क्षत्रिय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

ऑर्टेमिस मिशन

  • आर्टेमिस समझौते 2020 के तहतमानव अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रमहै।
  • संचालनः नासा द्वारा
  • सदस्यः  60+ (भारत 2023 में शामिल हुआ)
  • उद्देश्यः 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर वापस ले जाना
    • आर्टेमिस I (2022): मानव-रहित मिशन, SLS रॉकेट और ओरियन यान का सफल परीक्षण।
    • आर्टेमिस II (2026): पहला मानवयुक्त मिशन, चंद्रमा के चारों ओर फ्लाईबाय (लैंडिंग नहीं)।
    • आर्टेमिस III (2027): LEO में लैंडर/तकनीकी परीक्षण मिशन।
    • आर्टेमिस IV (2028): पहली बार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे।
    • आर्टेमिस V (2028): दूसरी लैंडिंग, वैज्ञानिक रिसर्च और चंद्र बेस की शुरुआत।
  • चंद्रमा के अन्वेषण हेतु अन्य मिशन
    • भारतः चंद्रयान     
    • चीनः चांग ई 6
    • जापानः स्मार्ट लैंडर फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून (SLIM) मिशन