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हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) उत्पादन की नई स्वीकृतियों पर प्रतिबंध

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  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने  सभी राज्य और केंद्रीय प्राधिकरण को 31 दिसंबर, 2027 के पश्चात किसी भी नए या अतिरिक्त HFCs उत्पादन हेतु पर्यावरणीय मंजूरी देना बंद करने का निर्देश दिया है। 

  • यह निर्देश HFCs के उत्पादन और उपयोग को कम करने के लिए किगाली समझौते के प्रति भारत (अनुमोदन -2021) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।

  • भारत HFCs के उपयोग में 4 चरणों में चरणबद्ध कटौती करेगा :

    •  वर्ष 2032 तक 10% , 2037 में 20%, 2042 में 30% और 2047 में 85% की संचयी कमी का लक्ष्य रखा गया है।

    • कमी की शुरुआत 1 जनवरी, 2028 से प्रभावी होगी।

  • हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs): फ्लोरिन युक्त शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) की तुलना में ग्लोबल वार्मिग क्षमता 140-11,700 गुणा

    • उपयोग: प्रशीतक और शीतलन उपकरणों में- एयर कंडीशनिंग, रेफ्रिजरेटर, एरोसोल प्रणोदक, इन्सुलेटिंग फोम और अग्निशमन प्रणालियों में।

    • HFC के प्रमुख विकल्प:प्राकृतिक प्रशीतक (NH3, CO2, हाइड्रोकार्बन जैसे प्रोपेन, ब्यूटेन), हाइड्रोफ्लोरोओलेफिन (HFOs)