TELL 14C व्हाट्सएप चैटबॉट लांच
- साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने व्हाट्सएप आधारित 'TELL 14C चैटबॉट' (93193-01930) प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है।
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राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा भी इस पहल को आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है।
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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम राजस्थान वीके सिंह ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से उन मामलों के लिए तैयार किया गया है, जहां साइबर ठगी का प्रयास तो हुआ हो, लेकिन व्यक्ति आर्थिक नुकसान से बच गया हो।
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ऐसे मामलों में लोग अब व्हाट्सएप नंबर 93193-01930 पर संदिग्ध कॉलर नंबर, फर्जी लिंक, स्क्रीनशॉट, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट या अन्य उपलब्ध जानकारी साझा कर सकते हैं, ताकि समय रहते तकनीकी और कानूनी कार्रवाई कर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को रोका जा सके।
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'TELL 14C चैटबॉट' एक संदिग्ध साइबर गतिविधि रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म है, जहां केवल साइबर अपराध के प्रयासों की जानकारी दी जा सकती है।
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यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो चुका है या आर्थिक नुकसान हुआ है, तो उसे राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ही शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
ऐसे करें चैटबॉट का उपयोग
- व्हाट्सएप में 93193- 01930 नंबर पर चैट शुरू करें। चैटबॉट खुलने के बाद अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें।
- रिपोर्टिंग विकल्प में साइबर दोस्त पेज पर नाम, पिनकोड, राज्य, जीपीएस लोकेशन और घटना की तारीख जैसी जानकारी भरनी होगी।
- इसके बाद संदिग्ध वेबसाइट, ईमेल, यूआरएल,
साइबर ठगी होने पर यहां करें शिकायत
- यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो वह राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 92560-01930 और 92575-10100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
- यूपीआई या अन्य साइबर माध्यम से जुड़ी जानकारी अपलोड की जा सकती है।
- उपयोगकर्ता घटना से संबंधित फोटो या स्क्रीनशॉट भी अपलोड कर सकते हैं।
- सभी विवरण भरने के बाद सारांश पेज पर जानकारी की जांच कर सबमिट करना होगा, जिससे शिकायत 14C पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी।
- सिर्फ बचना ही काफी नहीं, जानकारी देना भी जरूरी
⇒कई बार लोग साइबर ठगी से बच तो जाते हैं, लेकिन इसकी सूचना पुलिस या साइबर एजेंसियों को नहीं देते। जबकि अपराधियों की जानकारी साझा करने से उनके नेटवर्क तक पहुंचने और अन्य लोगों को ठगी से बचाने में मदद मिलती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें।