उत्तर:
- ‘‘’स्वस्थ धरती, स्वस्थ किसान और सतत् कृषि की ओर भारत का कदम’’
- भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ करोड़ों लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है।
प्राकृतिक खेतीः ऐसी कृषि प्रणाली जिसमें रासायनिक उर्वरकों कीटनाशकों और बाहरी कृषि इनपुट का न्यूनतम अथवा शून्य उपयोग किया जाता है। जैसे- गोबर, गोमूत्र, जीवमृत, बीजामृत, फसल चक्र
भारत में प्राकृतिक खेती की आवश्यकता-
- मिट्टी की उर्वरता में गिरावट
- बढ़ती कृषि लागत-महंगे उर्वरक व कीटनाशक
- जल संकट
- स्वास्थ्य संबंधी खतरे
- जलवायु परिवर्तन की चुनौती
भारत सरकार की पहलें-
- भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति।
- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन।

चुनौतियाँ-
- प्रारंभिक वर्षों में उत्पादन घटने की आशंका।
- किसानों की जागरूकता की कमी।
- बाजार एवं प्रमाणन संबंधी समस्याएँ
- प्रशिक्षण व तकनीकी सहायता का अभाव।
Way Forward
- किसानों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण।
- प्राकृतिक उत्पादों के लिए अलग बाजार।
- विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक खेती अनुसंधान को बढ़ावा।
- युवाओं और किसान उत्पादक (FPOs) को जोड़ा
- स्कूल व पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान
⇒प्राकृतिक खेती केवल कृषि सुधार नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण स्वास्थ्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम है। यह कम लागत अधिक लाभ और सतत् विकास की अवधारणा को साकार करती है।
