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आयुष-भाषिणी एकीकरण (GS-2स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी)

संदर्भ:-

  •  MoU (समझौता ज्ञापन) हस्ताक्षरित: आयुष मंत्रालय + डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD, MeitY के तहत)
  • उद्देश्य: एआई (AI) आधारित भाषा प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके आयुष की डिजिटल सेवाओं तक बहुभाषी (multilingual) पहुंच को बढ़ावा देना।

समझौते की मुख्य बातें:

  • पहल का नाम: "भाषिणी राज्यम - एक भाषिणी सहयोगी कार्यक्रम" (BHASHINI Rajyam – A BHASHINI Sahayogi Program)
  • एकीकरण (Integration): भाषिणी प्लेटफॉर्म को आयुष ग्रिड (Ayush Grid) (पोर्टलों, एप्लिकेशनों और एआई सेवाओं) के साथ एकीकृत किया जाएगा।
  • लक्षित भाषाएं: सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं (संविधान की 8वीं अनुसूची) में डिजिटल पहुंच का विस्तार करना।
  • दायरा: पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी) का तेजी से अनुवाद और प्रतिलेखन (transcription) करना।

महत्व:-

  • समावेशी स्वास्थ्य सेवा: यह भाषाई बाधाओं को तोड़ता है, जिससे "सभ्यतागत ज्ञान (civilisational knowledge)" जमीनी स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
  • मानकीकरण (Standardization): आयुष इकोसिस्टम के लिए विशेष रूप से डोमेन-विशिष्ट शब्दावली प्रणाली (domain-specific terminology systems) और एआई (AI) टूल का निर्माण करेगा।
  • नागरिक-केंद्रित तकनीक: तकनीक-संचालित, वॉयस-इनेबल्ड (आवाज से चलने वाले) डॉक्टर-मरीज संवाद उपकरणों (interaction tools) को बढ़ावा देता है।
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): डिजिटल इंडिया के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करता है।

 ⇒भाषिणी (BHASHINI - Bhasha Interface for India) MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) के तहत काम करता है ध्यान रहे यह संस्कृति या शिक्षा मंत्रालय के तहत नहीं आता है

आयुष ग्रिड (Ayush Grid): यह पूरे आयुष क्षेत्र के लिए प्रमुख आईटी बैकबोन (IT backbone) या डिजिटल आर्किटेक्चर है।