- भारत का पहला को ऑपरेटिव-आधारित राइड-हेलिंग ऐप, जिसे केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बताया गया है।
- इसे 'सहकार टैक्सी को ऑपरेटिव लिमिटेड' द्वारा संचालित किया जाता है, जो MSCS एक्ट 2002 (मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट, 2002) के तहत रजिस्टर्ड एक बहु-राज्यीय सहकारी समिति है। इसके 'ज़ीरो-कमीशन मॉडल' का मतलब है कि ड्राइवरों को हर राइड से होने वाली पूरी कमाई मिलती है, और को ऑपरेटिव का मुनाफ़ा सीधे ड्राइवरों में बाँट दिया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
- ज़ीरो-कमीशन राइड्स, पारदर्शी किराया जिसमें कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं होता, कोई 'सर्ज प्राइसिंग' (मांग बढ़ने पर किराया बढ़ना) नहीं, और UPI या नकद के ज़रिए भुगतान की सुविधा। राइड के विकल्पों में ऑटो, बाइक, कैब इकोनॉमी, सेडान और XL शामिल हैं।
- ड्राइवरों — जिन्हें "सारथी" कहा जाता है — को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा, रिटायरमेंट के लिए बचत की सुविधा मिलती है, और वे बिना किसी 'एक्सक्लूसिविटी क्लॉज़' (किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित रहने की शर्त) के अन्य प्लेटफॉर्म पर भी काम कर सकते हैं।
- स्वामित्व: ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म के सह-मालिक बन जाते हैं और उन्हें इसमें हिस्सेदारी (स्टेक होल्डिंग) मिलती है।
- डिजिटल एकीकरण: सत्यापन (वेरिफिकेशन) और सेवाओं के लिए DigiLocker, UMANG और API Setu का उपयोग करता है।
