उत्तर:
- जब अनपघटनीय प्रदूषक (POPs/भारी धातुएं) खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करते हैं, तो प्रत्येक पोषण स्तर के साथ उनकी सांद्रता बढ़ती जाती है, जिसे जैव आवर्धन (Biomagnification) कहते हैं। इसका सर्वाधिक सांद्रण शीर्ष उपभोक्ता में होता है।
- मुख्य कारण: ये रसायन जल में नष्ट नहीं होते और जीवों के शरीर से बाहर नहीं निकल पाते। वसा में घुलनशील होने के कारण शरीर इन्हें पचा या उत्सर्जित नहीं कर पाता और ये ऊतकों में संचित होते रहते हैं।
पारिस्थितिकी पर प्रभाव:
- खाद्य श्रृंखला का असंतुलन।
- पक्षियों के अंडों के खोल पतले होना, जिससे उनकी संख्या में कमी आती है।
- जलीय व स्थलीय जीवों के अस्तित्व को गंभीर नुकसान।
मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव:
- अंगों एवं वृक्कों (किडनी) को क्षति।
- कैंसर का बढ़ा हुआ खतरा।
- प्रजनन एवं शारीरिक विकास संबंधी गंभीर समस्याएं तथा तंत्रिका तंत्र पर दुष्प्रभाव।
- अतः यह पारिस्थितिकी तंत्र एवं मानव दोनों के लिए अत्यंत घातक साबित होता है।