उत्तर:
BOD (जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग):
- किसी जल के नमूने में उपस्थित जैव निम्नीकरणीय (biodegradable) कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के लिए वायवीय जीवाणुओं (aerobic bacteria) द्वारा उपयोग में ली गई घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की कुल मात्रा को BOD कहते हैं।
- वायवीय जीवाणु का उदाहरण: स्यूडोमोनास (Pseudomonas), बैसिलस (Bacillus), अथवा ई. कोलाई (Escherichia coli)।
COD (रासायनिक ऑक्सीजन माँग):
- जल के नमूने में उपस्थित समस्त कार्बनिक पदार्थों—चाहे वे जैव निम्नीकरणीय हों या अजैव निम्नीकरणीय (non-biodegradable)—को रासायनिक रूप से ऑक्सीकृत करने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को COD कहते हैं। इसमें प्रबल ऑक्सीकारक रसायन पोटेशियम डाइक्रोमेट का उपयोग किया जाता है।
BOD तथा COD में अंतर :
जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग (BOD):
- यह जल में जैव निम्नीकरणीय प्रदूषकों की मात्रा ज्ञात करने के लिए उपयोग में ली जाती है। वायवीय जीवाणुओं का उपयोग किया जाता है।
- इस प्रक्रिया के दौरान जीवाणुओं द्वारा उपयोग में ली गई जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा BOD कहलाती है।
- BOD का मान हमेशा COD से कम होता है, जब जल एक स्रोत से हो।
- BOD की इकाई mgO2/ltr
रासायनिक ऑक्सीजन माँग (COD):
- यह जल में जैव व अजैव निम्नीकरणीय दोनों प्रकार के प्रदूषकों की मात्रा ज्ञात करने के लिए किए जाते हैं। इसमें पोटेशियम डाइक्रोमेट का उपयोग किया जाता है।
- अपघटन की प्रक्रिया के दौरान इस रसायन द्वारा जल में घुलित जितनी O2 का उपयोग किया जाता है, COD कहते हैं।
- COD का मान हमेशा BOD से अधिक होता है।
- COD की इकाई mgO2/ltr
⇒ ये दोनों दर्शाते हैं कि पानी में कार्बनिक प्रदूषक कितनी मात्रा में मौजूद हैं, लेकिन इसके मापन का तरीका व विश्लेषण अलग-अलग है।