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➔ हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (CoE-HT) (UPSC/RAS/PSI)

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  • उद्घाटन: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह 3 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली में 
  • उद्देश्य: हथकरघा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता, स्थिरता और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के लिए भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत को अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ एकीकृत करना
  • यह केंद्र हथकरघा ज्ञान का एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार विकसित करेगा
  • शुभारंभ: पांच प्रमुख पहलों का
  • हैंडलूम 4.0 मोबाइल ऐप - प्रत्येक करघे के लिए एक डिजिटल साथी, जो बुनकरों को उत्पादकता और स्थिरता का आकलन करने में सक्षम बनाता है, सहकारी समितियों और सरकारी एजेंसियों को समय पर सबके लिए सहायता प्रदान करने में मदद करता है।
  • हैंडलूम e-विद्या- एक समस्या-आधारित डिजिटल शिक्षण और ज्ञान केंद्र है जो हथकरघा इकोसिस्‍टम में बुनकरों, छात्रों और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए व्यावहारिक, सुनियोजित समाधान प्रदान करता है।
  • हैंडलूमएक्स: हथकरघा मूल्य श्रृंखला में स्टार्टअप और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक एक्सेलेरेटर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म है।
  • कलागृह हैंडलूम स्टूडियो (GenZ डिजाइन स्टूडियो) का उद्देश्य डिजिटल दृश्‍यता, सुविधास्‍वरूप और उत्पाद प्रमाणीकरण के माध्यम से हथकरघा को अगली पीढ़ी के उपभोक्ताओं से जोड़ना है।
  • थ्रेड्स ऑफ वैलोर एक ऐसी पहल है जो पुनर्चक्रित रक्षा वस्त्रों को प्रीमियम हथकरघा उत्पादों में परिवर्तित करके चक्रीयता को बढ़ावा देती है।