➔ डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) 3.0 का शुभारम्भ (UPSC/RAS)
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शुभारम्भ: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में DILRMP 3.0 के परिचालन दिशानिर्देशों का औपचारिक शुभारम्भ किया।
DILRMP 3.0 ग्रामीण नागरिकों, किसानों और संपत्ति मालिकों के लिए ईज़ ऑफ लिविंग बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
कार्यान्वयन एवं निगरानी
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्रीय वित्तपोषण के साथ चरणबद्ध व प्रदर्शन-आधारित कार्यान्वयन।
प्रबंधन → सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से।
निगरानी → DILRMP-MIS डैशबोर्ड, देखरेख परियोजना अनुमोदन एवं निगरानी समिति (PS&MC) द्वारा।
DILRMP 3.0 के मुख्य घटक
GIS-इनेबल्ड 'लैंड स्टैक' → जियो-रेफ़रेंस्ड कैडस्ट्रल मैप, अधिकारों का रिकॉर्ड, संपत्ति पंजीकरण एवं संबंधित न्यायालयीन मामलों को एक जीआईएस-आधारित डिजिटल इंटरफेस पर एकीकृत करेगा। राज्य API के माध्यम से अपना 'राज्य लैंड स्टैक' विकसित करेंगे, जो मिलकर फ़ेडरेटेड 'राष्ट्रीय लैंड स्टैक' बनाएँगे — जिसमें डेटा का स्वामित्व संबंधित प्राधिकरणों के पास ही रहेगा।
यूनिवर्सल भू-आधार — ULPIN → प्रत्येक भू-खंड को 14-अंकों का यूनिक आइडेंटिफायर, जिससे संपत्ति की स्पष्ट पहचान और धोखाधड़ी की समाप्ति सुनिश्चित होगी।
पंजीकरण सेवा केंद्र (RSK) → पासपोर्ट सेवा केंद्रों से प्रेरित होकर, अधिक भीड़-भाड़ वाले 75 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को नागरिक-अनुकूल केंद्रों में बदला जाएगा।
पुराने रिकॉर्ड की स्कैनिंग → विरासत अधिकारों की सुरक्षा एवं पुश्तैनी भूमि विवाद घटाने हेतु पुराने पंजीकरण रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
पंजीकरण रिपोज़िटरी → पंजीकृत दस्तावेज़ों व संपत्ति से जुड़ी देनदारियों की जानकारी देने वाला सुरक्षित डिजिटल मंच।
पेपरलेस राजस्व अदालतें → राजस्व न्यायालय मामला प्रबंधन प्रणाली (RCCMS) का आधुनिकीकरण कर भूमि रिकॉर्ड से सीधे जोड़ा जाएगा।
अर्बन लैंड मैपिंग (नक्शा — NAKSHA) → जीआईएस-आधारित शहरी भूमि अभिलेख तैयार किए जाएंगे और UrPro कार्ड जारी किए जाएँगे।
"कमर्शियल इंडक्शन कुकिंग शोकेस एवं शेफ चैलेंज"
आयोजन: विद्युत मंत्रालय के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने नई दिल्ली में
विषय: "भारत की विद्युत कुकिंग की महत्वाकांक्षा को गति देना: प्रौद्योगिकी प्रदर्शन से वास्तविक दुनिया में अपनाना" ।
ऊर्जा सुरक्षा → भारत में इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर बदलाव का मुख्य कारण।
वैश्विक संघर्ष और बढ़ती LPG कीमतों के कारण ई-कुकिंग एक रणनीतिक व व्यावहारिक विकल्प है।
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आवासीय ई-कुकिंग को मज़बूत आधार देती हैं।
बाधाएँ → रसोइयों/उपभोक्ताओं की स्वाद संबंधी सहजता तथा स्थानीय वितरण क्षमता की कमी।
समाधान → जागरूकता सृजन को मांग बढ़ाने का सबसे तेज़ तरीका बताया।
BEE के बारे में
स्थापना → 1 मार्च 2002, ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के अंतर्गत।
मिशन → स्व-नियमन एवं बाज़ार सिद्धांतों पर आधारित नीतियों व रणनीतियों को विकसित करने में सहायता, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊर्जा खपत में कमी आए।