समग्र रैंक व स्कोर
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पैरामीटर |
विवरण |
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समग्र रैंक 2025 |
10 (36 राज्यों/UT में से) |
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श्रेणी रैंक 2025 |
7 (17 बड़े राज्यों में से) |
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IEMI स्कोर 2025 |
51 (राष्ट्रीय औसत: 42; सर्वोच्च: 84) |
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2024 से बदलाव |
स्कोर में 3 अंकों की वृद्धि (48 → 51), किंतु रैंक में 2 स्थानों की गिरावट |
- राजस्थान 2025 में फ्रंटरनर श्रेणी में वर्गीकृत — स्कोर 51 (बड़े राज्यों की फ्रंटरनर सूची में तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के साथ शामिल)
विषयवार प्रदर्शन
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विषय |
राजस्थान स्कोर |
राष्ट्रीय सर्वोच्च |
2024 से बदलाव |
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T1 – ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोग्रेस |
44 |
77 |
🔻 5 अंक गिरावट |
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T2 – चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रेडिनेस |
64 |
97 |
🔺 19 अंक वृद्धि |
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T3 – EV रिसर्च एंड इनोवेशन स्टेटस |
49 |
94 |
कोई बदलाव नहीं |
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बड़े राज्यों की श्रेणी में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रेडिनेस में राजस्थान फ्रंटरनर (64 स्कोर, कर्नाटक 97, महाराष्ट्र/हरियाणा 91, तमिलनाडु 73 के बाद)
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ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन में गिरावट स्पष्ट रूप से समग्र रैंक में कमी का प्रमुख कारण
सरकारी सहायता व अवसंरचना
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केंद्र सरकार की प्रमुख पहलें (वृद्धि में योगदान)
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फेम योजना (FAME) — Faster Adoption and Manufacturing of (Hybrid and) Electric Vehicles
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PM E-DRIVE — Pradhan Mantri Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement Scheme
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ऑटो कंपोनेंट व बैटरी सेल हेतु उत्पादन - आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना
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राज्यों की भूमिका → परिवहन, ऊर्जा, उद्योग व शहरी नियोजन क्षेत्र राज्यों/UT के अधीन होने से EV इकोसिस्टम का विकास मुख्यतः उप-राष्ट्रीय (subnational) सरकारों पर निर्भर। दिसंबर 2025 तक 36 में से 26 राज्यों/UT में सक्रिय EV नीतियाँ लागू।
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हाल ही में शुरू (शुभारम्भ) किया गया यूनिफाइड भारत ई-चार्ज ऐप चार्जिंग बुनियादी ढाँचे तक पहुँच को सुदृढ़ करेगा।
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सड़क परिवहन → देश के ऊर्जा-संबंधी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का ~12% व कुल नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन का अनुमानतः 18% के लिए ज़िम्मेदार
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EV बिक्री हिस्सेदारी → 2018 में केवल ~0.5%, 2025-26 तक बढ़कर 8.25% (सड़क पर 8.7 मिलियन से अधिक EV)
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ऑटोमोबाइल क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में ~7.1% का योगदान देता है व ~1.9 करोड़ रोज़गार सृजित करता है।