उत्तर -
- भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 (Indian Space Policy, 2023) का उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देना तथा वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना है। इसके प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:
- निजी क्षेत्र को बढ़ावा – अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय निजी कंपनियों को अनुसंधान, निर्माण व लॉन्च गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति।
- आर्थिक लक्ष्य – वर्तमान हिस्सेदारी $9.6B से बढ़ाकर 2030 तक $60B व वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था ($360B) में योगदान बढ़ाना, साथ ही 2 लाख रोजगार सृजन।
- IN-SPACE – निजी क्षेत्र की गतिविधियों हेतु सिंगल विंडो क्लीयरेंस व प्राधिकरण एजेंसी।
- NSIL – निजी क्षमता निर्माण, तकनीकों के व्यावसायीकरण व विवाद समाधान हेतु मंच।