➔ नेट ज़ीरो पोर्टल एवं NAPCC डैशबोर्ड का शुभारम्भ (UPSC/RAS)
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शुभारम्भ: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मुंबई में विश्व ओज़ोन दिवस 2026 के अवसर पर
वर्ष 2026 की थीम: “ठंडे ग्रह के लिये वैश्विक कार्रवाई” (Global action for a cooler planet)
नेट ज़ीरो पोर्टल
संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक नेट ज़ीरो प्रतिबद्धताओं के पंजीकरण व प्रकटीकरण हेतु केंद्रीकृत डिजिटल मंच।
इसमें भाग लेने वाली संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का विवरण, नेट ज़ीरो लक्ष्य व वार्षिक प्रगति दे सकती हैं।
संस्थाएं अपने नेट ज़ीरो लक्ष्यों की सफलतापूर्वक घोषणा करेंगी, उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से एक स्वीकृति पत्र (एक्नॉलेजमेंट) प्रदान किया जाएगा।
NAPCC डैशबोर्ड
जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) के अंतर्गत राष्ट्रीय मिशनों के कार्यान्वयन व प्रगति का समेकित डिजिटल दृश्य।
अंतर-मंत्रालयी समन्वय, साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन एवं क्षेत्रवार कमियों की पहचान में सहायक।
तकनीशियन प्रशिक्षण पहल
12 प्रशीतन एवं वायु कंडीशनिंग विनिर्माणकर्ताओं ने 248 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को अपनाने की घोषणा की।
यह प्रशीतन एवं वायु कंडीशनिंग विनिर्माणकर्ताओं, ओज़ोन सेल, क्षेत्रीय निदेशालय, प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) एवं राज्य निदेशालय के बीच चार-पक्षीय समझौते के तहत किया गया।
लक्ष्य: कक्षा में दिए जाने वाले शिक्षण को उद्योग मानकों के अनुरूप बनाना
भारत और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
भारत 1992 से ओज़ोन परत संरक्षण संबंधी वियना कन्वेंशन एवं मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का पक्षकार है।
क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC), कार्बन टेट्राक्लोराइड (CTC) व हैलॉन नियंत्रित अनुप्रयोगों हेतु पहले ही चरणबद्ध ढंग से समाप्त।
हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन (HCFC) के 2015, 2020 व 2025 के चरणबद्ध समाप्ति लक्ष्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
भारत ने सितंबर 2021 में किगाली संशोधन का अनुसमर्थन किया, जो 26 दिसंबर 2021 से लागू है।
HFC उत्पादन व खपत में कमी का लक्ष्य (आधार स्तर की तुलना में) — 2032 में 10%, 2037 में 20%, 2042 में 30%, 2047 में 85%।