उत्तर:
- उत्तरी अमेरिका के भौतिक-प्रादेशिक लक्षण, प्राकृतिक संसाधन एवं आर्थिक विकास
1. कैनेडियन शील्ड (लॉरेशियन पठार):
- भू-आकृति: प्री-कैम्ब्रियन कठोर आग्नेय-कायांतरित चट्टानों से निर्मित अवशिष्ट पठार, लॉरेंटियन पर्वत, हडसन तटीय दलदली मैदान तथा उत्तर में आर्कटिक शीत मरुस्थल।
- संसाधन: सेंट लॉरेंस नदी, महान झीलें, शंकुधारी टैगा वन; सडबरी में निकेल, मेसाबी व लैब्राडोर में हेमेटाइट लौह अयस्क, टिमिन्स में सोना और अथाबास्का में यूरेनियम।
- आर्थिक विकास: सडबरी (निकेल प्रगलन), मॉन्ट्रियल व क्यूबेक (कागज, लुगदी, विमानन) तथा थंडर बे (अनाज व अयस्क पत्तन)।
2. अप्लेशियन उच्चभूमि:
- भू-आकृति: प्राचीन मोड़दार अवशिष्ट पर्वत (ब्लू रिज, माउंट मिशेल- 2,037 मी.), एलेघेनी-कंबरलैंड पठार, पीडमोंट मैदान व जलप्रपात रेखा (Fall Line)।
- संसाधन: हडसन, टेनेसी (TVA) नदियाँ; पेंसिल्वेनिया का एंथ्रेसाइट व वेस्ट वर्जीनिया का बिटुमिनस कोयला; तंबाकू, फल व डेयरी कृषि।
- आर्थिक विकास: पिट्सबर्ग (विश्व इस्पात राजधानी), बर्मिंघम (लौह-इस्पात) तथा न्यूयॉर्क-फिलाडेल्फिया गलियारा (रसायन, भारी मशीनरी व वित्त)।
3. मध्यवर्ती मैदान (ग्रेट प्लेन्स):
- भू-आकृति: मिसिसिपी-मिसौरी बेसिन का समतल अवसादी मैदान, ब्लैक हिल्स, एडवर्ड्स पठार तथा पश्चिमी अर्ध-शुष्क स्टेपी क्षेत्र।
- संसाधन: मिसिसिपी-मिसौरी जलमार्ग; प्रेयरी (चेरनोज़म) मृदा से गेहूं, मक्का व कपास मेखला; पर्मियन बेसिन व अल्बर्टा में शेल तेल, गैस व टार सैंड्स।
- आर्थिक विकास: शिकागो (मांस प्रसंस्करण व कृषि व्यापार), ह्यूस्टन (पेट्रोकेमिकल्स व तेल शोधन) तथा डलास (विमानन व तेल उद्योग)।
4. पश्चिमी कॉर्डिलेरा:
- भू-आकृति: नवीन वलित रॉकी पर्वत (माउंट एल्बर्ट- 4,401 मी.), अलास्का श्रेणी (डेनाली- 6,190 मी.), कास्केड, सिएरा नेवादा; कोलंबिया-कोलोराडो पठार; कैलिफ़ोर्निया घाटी; ग्रेट बेसिन, सोनोरन व मोजावे (डेथ वैली: -86 मी.) मरुस्थल।
- संसाधन: कोलंबिया व कोलोराडो नदियाँ (हूवर बांध); बिंघम में तांबा, सोना, चांदी, लिथियम; भूमध्यसागरीय रसदार फल, अंगूर व डगलस फर वन।
- आर्थिक विकास: सिलिकॉन वैली (सेमीकंडक्टर व आईटी), लॉस एंजिल्स (सिनेमा व पेट्रोकेमिकल्स), सिएटल (बोइंग विमान उद्योग) तथा वैंकूवर (व्यापारिक पत्तन)।
⇒ उत्तरी अमेरिका की यह जटिल भू-आकृतिक संरचना खनिज, ऊर्जा व कृषि संसाधनों का क्षेत्रीय आधार तैयार करती है, जहाँ आंतरिक जलमार्गों और उन्नत अवसंरचना के समन्वय ने इस महाद्वीप को एक एकीकृत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
