उत्तर:
- प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1 अप्रैल, 1973 को 'टाइगर मैन ऑफ इंडिया' कैलाश सांखला के प्रयासों से वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत की गई थी।
उद्देश्य:
- बाघों की संकटग्रस्त आबादी को उनके प्राकृतिक आवासों में इन-सीटू (स्व-स्थाने) संरक्षण प्रदान करना।
- आहार-श्रृंखला, आवास और सुरक्षित प्रजनन स्थलों की उपलब्धता सुनिश्चित कर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना।
- कोर एवं बफर रणनीति के माध्यम से मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करना।
उपलब्धियाँ:
- संस्थागत विकास: 2006 के संशोधन द्वारा वैधानिक संस्था NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) का गठन।
- नेटवर्क विस्तार: 9 टाइगर रिजर्व से बढ़कर भारत में कुल 58 टाइगर रिजर्व अधिसूचित
(राजस्थान में 5: रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी और धौलपुर-करौली)। - लक्ष्य प्राप्ति (Tx2): बाघों की संख्या दोगुनी करने का वैश्विक लक्ष्य समय पूर्व प्राप्त; वर्तमान में लगभग 3,682 से 3,925 बाघों के साथ भारत में विश्व की 75% से अधिक बाघ आबादी सुरक्षित है।