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➔ उपग्रह एनवीएस-3 का सफल प्रक्षेपण (RAS/PSI)

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  • प्रक्षेपण: 30 अक्टूबर 2026, इसरो (ISRO) द्वारा उपग्रह सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश
  • रॉकेट: GSLV-F18
  • वजन: 2232 किलोग्राम
  • विशेष उपलब्धि: यह भारत के जीएसएलवी (GSLV) रॉकेट की 20वीं उड़ान।
  • एनवीएस-03 इसरो की दूसरी पीढ़ी की नौवहन उपग्रह श्रृंखला का तीसरा उपग्रह है।
  • NavIC: Navigation with Indian Constellation

मुख्य उद्देश्य:

  1. भारत की स्वदेशी नौवहन प्रणाली ‘नाविक’ की सेवाओं को बेहतर बनाना और उनकी उपलब्धता बढ़ाना।
  2. यह प्रणाली अमेरिका की जीपीएस व्यवस्था का स्वदेशी विकल्प है।
  3. उपग्रह में एल-5 और एस बैंड के साथ एल-1 आवृत्ति बैंड भी जोड़ा गया है। इससे नौवहन सेवाओं की क्षमता और बेहतर होगी।
  4. यह अभियान भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे देश की स्थान निर्धारण, मार्गदर्शन और सटीक समय बताने की क्षमता मजबूत होगी।
  • एनवीएस-03 के साथ भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु घड़ी भी अंतरिक्ष में स्थापित की गई है।
  • देशभर में और भारत की सीमाओं से 1500 किलोमीटर तक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसरो प्रमुख डॉ. नारायणन के अनुसार, इस प्रणाली के लिए कुल सात उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करने की योजना है।
  • मोबाइल फोन में इन सेवाओं का व्यापक उपयोग शुरू करने के लिए सभी सात उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करना जरूरी है।