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प्रश्न: अल्फा , बीटा और गामा विविधता में अंतर स्पष्ट कीजिए। (शब्द सीमा-50) (RAS)

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उत्तर:

  • ​किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले समस्त जीव-जंतुओं, पादपों तथा सूक्ष्मजीवों की प्रजातीय विविधता एवं पारिस्थितिकीय भिन्नता को जैव विविधता कहते हैं। जैव विविधता के मापन हेतु 1960 में आर. एच. व्हिटेकर (R.H. Whittaker) ने इसे तीन स्तरों में वर्गीकृत किया था:

​अल्फा विविधता: 

  • यह किसी एक ही विशिष्ट आवास अथवा पारितंत्र (Ecosystem) के भीतर पाई जाने वाली प्रजातियों की संख्या यानी प्रजाति प्रचुरता (Species Richness) को मापती है। यह स्थानीय स्तर की विविधता है, जैसे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के किसी एक विशिष्ट वेटलैंड ब्लॉक में जलीय पक्षियों व पादपों की विभिन्न प्रजातियाँ।

​बीटा विविधता:

  • यह दो अलग-अलग या निकटवर्ती पारितंत्रों/समुदायों के बीच प्रजातियों के बदलाव की दर (Species Turnover) तथा तुलनात्मक भिन्नता को दर्शाती है। इससे एक आवास से दूसरे आवास में विस्थापन पर प्रजातीय परिवर्तन का पता चलता है, जैसे थार के शुष्क मरुस्थलीय पारितंत्र और अरावली के पर्णपाती वन पारितंत्र के मध्य उपस्थित प्रजातीय अंतर।

​गामा विविधता: 

  • यह एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र या संपूर्ण भू-दृश्य (Landscape) में उपस्थित सभी पारितंत्रों की समग्र (Overall) प्रजातीय विविधता का मापन है। यह उस वृहद क्षेत्र की सभी अल्फा और बीटा विविधताओं का समाकलित रूप होती है, जैसे संपूर्ण राजस्थान राज्य अथवा पश्चिमी घाट के सभी वनों, पठारों और घास के मैदानों की कुल जैव विविधता।