चर्चा में:भारी पानी आधारित तकनीक वाले राजस्थान परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई(RAPS-2) ने लगातार 400 दिन तक बिजली उत्पादन करने का नया रिकॉर्ड 20 सितंबर को बनाया।
उत्पादन: इकाई ने 1795 मिलियन यूनिट (यानी 179.5 करोड़ यूनिट) बिजली बनाई।
मूल्यःउत्पादित बिजली की कुल कीमत 590.56 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरी बिजली का 100% हिस्सा राजस्थान को सबसे सस्ती दर (3.29 रुपये प्रति यूनिट) पर मिला है।
पृष्ठभूमि: RAPS-2 की पहली कंक्रीट 1969 में हुई थी और 1981 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट में कनाडा का तकनीकी सहयोग था, लेकिन 1974 में पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद कनाडा ने सहयोग रोक दिया और अपने विशेषज्ञ वापस बुला लिए। इसके बाद भारतीय वैज्ञानिकों ने आत्मनिर्भरता के बल पर इसे पूरा किया।
संचालक संस्थाः न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL)
रिएक्टरः दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर (PHWR – Pressurized Heavy Water Reactor) है, जिसे सामान्य भाषा में 'कैंडू' (CANDU) डिजाइन आधारित रिएक्टर भी कहा जाता है।