1. बैंकिंग नेटवर्क और बुनियादी ढांचा
- कवरेज: 'जन धन दर्शक' (JDD) ऐप के अनुसार, देश के 99.92% आबाद गाँवों (6,01,328 में से 6,00,868) में 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है।
- विशाल नेटवर्क: 17 जुलाई 2026 तक देश में 1.81 लाख से अधिक बैंक शाखाएँ, 17.36 लाख बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) और 1.65 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) केंद्र सक्रिय हैं।
- RBI का नियम: बैंक बिना पूर्व अनुमति के कहीं भी नई शाखाएँ खोल सकते हैं, बशर्ते उनकी 25% शाखाएँ बैंकिंग सुविधाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में खोली जाएं।
2. प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) की स्थिति
- खातों की संख्या: 17 जुलाई 2026 तक कुल 58.77 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं।
- जमा राशि: इन खातों में कुल 3,12,414 करोड़ रुपये जमा हैं, जो वित्तीय समावेशन की सफलता को दर्शाता है।
3. कृषि ऋण वितरण के लिए डिजिटल पहलें
- जन समर्थ पोर्टल: सरकारी ऋण और सब्सिडी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म।
- किसान ऋण पोर्टल (KRP): सितंबर 2023 में शुरू किया गया; यह आधार-आधारित सत्यापन और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋणों पर सब्सिडी (MISS) के डिजिटल दावों के तेजी से निपटारे में मदद करता है।
- अन्य एप्लिकेशन: नाबार्ड (NABARD) का ई-केवाईसी (e-KYC) और कृषि विभाग का 'कृषिका' (Krishika) ऐप।
4. साइबर सुरक्षा और डिजिटल भुगतान सुरक्षा
- IDPIC की स्थापना: रियल-टाइम में धोखाधड़ी रोकने के लिए AI और बिग डेटा आधारित 'इंडिया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉरपोरेशन' की स्थापना की गई है।
- 'म्यूलहंटर' (MuleHunter) टूल: मनी म्यूल (धोखाधड़ी वाले पैसे ट्रांसफर करने वाले) और संदिग्ध खातों की पहचान के लिए RBI द्वारा विकसित AI टूल।
- शिकायत निवारण: साइबर अपराध और अवैध ऋण ऐप्स की रिपोर्टिंग के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और पोर्टल (I4C के तहत) चालू है।
- जागरूकता अभियान: RBI द्वारा 'ई-बीएएटी' (e-BAAT - इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग अवेयरनेस एंड ट्रेनिंग) कार्यक्रम और अन्य माध्यमों से साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा रही है।
Source: Dd news : देश में 99.92% आबाद गांवों तक पहुंची बैंकिंग सुविधाएं, 58.77 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते खुले