- दिनांक: 07 अगस्त । जवाहर कला केंद्र – जयपुर
- उद्घाटन: उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
- हथकरघा प्रदर्शनी: (60 स्टॉल्स) 7 से 9 अगस्त तक।
- थीम पवेलियन: भारत सरकार के बुनकर सेवा केंद्र द्वारा हथकरघा प्रौद्योगिकी पर तैयार।
- सहभागी संस्थाएं-
- उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, बुनकर सेवा केंद्र
- RUDA, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट एंड डिज़ाइन
- राजस्थान बुनकर संघ, राजस्थान राज्य हथकरघा विकास निगम
- RAJSICO, NIFT/NIHT-जोधपुर
राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार 2026
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श्रेणी |
विजेता |
निवास |
उत्कृष्ट उत्पाद/शिल्प |
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प्रथम |
कानाराम |
डूंगांव (जालोर) |
कॉटन एवं सिल्क साड़ी |
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द्वितीय |
सोहनराम |
टांकला (नागौर) |
कलात्मक दरी |
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तृतीय |
धापूबाई |
असनावर (झालावाड़) |
तोता गागरौनी डबल बेडशीट |
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सांत्वना |
दिनेश भोयरिया |
सालावास (जोधपुर) |
पंजा दरी |
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सांत्वना |
ककू |
इण्डारा (बाड़मेर) |
टेबल कवर |
- राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार: 2025 - वस्त्र मंत्रालय, GoI द्वारा जारी राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कारों की सभी 22 विजेताओं (3 संत कबीर और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार) जिन्हें माननीया राष्ट्रपति द्वारा 7 अगस्त को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (RBCC) में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया।
- बाड़मेर के युवा बुनकर बरीगा राम- राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार: 2025
- श्रेणी: बुनाई (Weaving)
- उप-श्रेणी: युवा बुनकर
- पता: आलिसरों की बस्ती, सेड़वा-बाड़मेर
- शिल्प/उत्पाद: पट्टू साड़ी

- ऐतिहासिक संदर्भ-
- 07 अगस्त, 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है।
- चौथी अखिल भारतीय हथकरघा जनगणना (2019-20) के अनुसार देश में 35.22 लाख हथकरघा बुनकर एवं संबद्ध श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें 72% से अधिक महिलाएं है।
- राजस्थान में 8,770 बुनकर हथकरघा उद्योग से जुड़े है। प्रदेश कोटा डोरिया, पट्टू, खेस, रेजा, लट्ठा, बरड़ी, कंबल, लोई, शॉल, बगरू एवं सांगानेरी प्रिंटेड वस्त्र, दरियां और जाजम जैसे उत्कृष्ट हथकरघा उत्पादों के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है।