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16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (UPSC/RAS/PSI)

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  • जापान की प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री ताकाइची सनाए ने 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 1-3 जुलाई 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा की।
  • 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, वे तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के आधार पर सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए
  1. रक्षा और सुरक्षा सहयोग; 
  2. आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार  सहित आर्थिक साझेदारी; 
  3. लोगों के बीच आपसी संपर्क।
प्रमुख समझौते
  1. आर्थिक सुरक्षा पर भारत-जापान संयुक्त घोषणा:
    - सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा और औषधि जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार-से-सरकार (G2G) व व्यवसाय-से-व्यवसाय (B2B) सहयोग और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना।
  2. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त वक्तव्य।
  3. ऊर्जा क्षेत्र में मज़बूती पर संयुक्त वक्तव्य (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा जापान के एमईटीआई के बीच)।
  4. 75वीं वर्षगांठ – वर्ष 2027 को "India–Japan Year of Shared Horizons" के रूप में मनाना।
  5. भारत-जापान को-ऑपरेटिव बायोगैस फॉर ग्रोथ(CBG) – भारत में 1,000 बायोगैस एवं जैविक उर्वरक संयंत्र स्थापित करने में सहयोग।
  6. बैटरी सहयोग – बैटरी निर्माण और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना।
  7. औषधि सहयोग – सक्रिय औषधीय संघटकों (एपीआई) , प्रमुख प्रारंभिक सामग्रियों (केएसएम)और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करना
  8. खनिज अन्वेषण – क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा।
  9. इंडियाएआई मिशन तथा जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय (एमईटीआई) के बीच सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन: व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) संपर्क स्थापित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी नीतियों एवं चुनौतियों पर वेबिनार आयोजित करने तथा कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच के माध्यम से संयुक्त परियोजनाओं को समर्थन प्रदान करके इंडियाएआई मिशन और जापान की जेनिएक (GENIAC) पहल के बीच संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देता है।
  10. अगली पीढ़ी की गतिशीलता साझेदारी (NGMP) – रेल, सड़क, ऑटोमोबाइल, विमानन, जहाज निर्माण, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स एवं शहरी परिवहन में निजी निवेश और सहयोग को बढ़ावा देकर "Make in India for the World" को प्रोत्साहन देना।
  11. भारत के सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (सी-कैंप) तथा जापान के राइकेन के बीच समझौता ज्ञापन: डीप-टेक तथा जीवन विज्ञान के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, कृषि तथा पर्यावरण को शामिल करते हुए शैक्षणिक, ट्रांस्‍लेश्‍नल रिसर्च तथा स्टार्टअप-उन्मुख नवाचार में सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।
  12. नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज़-टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च तथा जापान के राइकेन के बीच समझौता  – मूलभूत जीवविज्ञान और तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) अनुसंधान में सहयोग।
  13. आईआईटी बॉम्बे–भारतजेन–एनआईआई समझौता उन्नत लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के विकास हेतु संयुक्त अनुसंधान और सहयोग।
  14. सर्वमएआई–प्रिफर्ड नेटवर्क समझौता – फाउंडेशन मॉडल सहित एआई प्रौद्योगिकी के विकास में सहयोग।
  15. नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) तथा जापान नेटवर्क इन्फॉर्मेशन सेंटर (जेपीएनआईसी)  – आईपीवी6, इंटरनेट सुरक्षा, क्षमता निर्माण और इंटरनेट शासन में सहयोग।
  16. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) तथा जापान की वित्तीय सेवा एजेंसी (जेएफएसए) पत्रों का आदान-प्रदान – फिनटेक, रेगटेक और वित्तीय सेवाओं के नियमन व सर्वोत्तम प्रथाओं में सहयोग।