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सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल (UPSC/RAS/PSI)

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चर्चा में क्यों ?

  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल को 2025-26 चक्र के लिए यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया।
  • दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र के दौरान, 25 JUL 2026 को इस स्थल को अधिकारिक मंजूरी दी गई।
  • सारनाथ के प्राचीन स्थल को 1998 में विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया गया था।
  • यूनेस्को की सूची में शामिल इस स्थल को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है:
  1. चौखंडी स्तूप: यह एक अष्टकोणीय स्तूप है जिसे मूल रूप से उस स्थान को चिह्नित करने के लिए बनाया गया था जहां बुद्ध अपने पहले पांच शिष्यों (पंचवर्गीय भिक्षुओं) से मिले थे।
  2. सारनाथ के पुरातात्विक अवशेष: इनमें शामिल हैं-
  • धमेक स्तूप: वह सटीक स्थान जहां बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।
  • धर्मराजिका स्तूप (अवशेष): इसे अशोक द्वारा बुद्ध के अवशेषों को रखने के लिए बनवाया गया था।
  • मूलगंधकुटी विहार: वह स्थान जहां बुद्ध सारनाथ में प्रवास के दौरान रुके थे।
  • अशोक स्तंभ: इसी स्तंभ के शीर्ष पर चार सिंह वाली आकृति (Lion Capital) थी, जिसे 26 जनवरी 1950 को स्वतंत्र भारत के 'राष्ट्रीय प्रतीक' के रूप में अपनाया गया था। इसके चक्र को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में स्थान मिला है।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व 

  • अन्य नाम: बौद्ध परंपरा में सारनाथ को ऋषिपत्तन, इषिपत्तन और मृगदाव के नाम से भी जाना जाता है।
  • धर्मचक्र प्रवर्तन: छठी शताब्दी ईसा पूर्व में, बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद, गौतम बुद्ध ने इसी स्थान पर अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे बौद्ध धर्म में 'धर्म के पहिये का घूमना' (धर्मचक्र प्रवर्तन) कहा जाता है।
  • बौद्ध संघ की स्थापना: यहीं से बुद्ध ने 'आर्य अष्टांगिक मार्ग' के सिद्धांतों की स्थापना की और 'बौद्ध संघ' की नींव रखी।
  • चार मुख्य तीर्थस्थल: स्वयं बुद्ध ने सारनाथ को बौद्ध तीर्थयात्रा के चार सबसे पवित्र स्थलों में से एक बताया था (अन्य तीन हैं- लुंबिनी (जन्म), बोधगया (ज्ञान), और कुशीनगर (महापरिनिर्वाण)। बौद्ध तीर्थयात्रा के चार सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से तीन, लुंबिनी (नेपाल), महाबोधि मंदिर, बोधगया (बिहार) और अब सारनाथ (उत्तर प्रदेश) विश्व धरोहर में शामिल हो गए हैं।
  • सांस्कृतिक कूटनीति : सारनाथ को विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से बौद्ध बहुल देशों (जैसे जापान, थाईलैंड, श्रीलंका, वियतनाम, कंबोडिया) के साथ भारत की कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंध ('Act East Policy' के तहत) और अधिक मजबूत होंगे।

नामांकन के मानदंड 


  • सारनाथ को यूनेस्को के उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य (OUV) के दो मानदंडों के तहत नामांकित किया गया है:
  • मानदंड (iii): यह सदियों से निर्मित बड़ी संख्या में धार्मिक इमारतों के माध्यम से एक अद्वितीय सांस्कृतिक परंपरा की गवाही देता है।
  • मानदंड (vi): यह बुद्ध के जीवन की उन घटनाओं (पहला उपदेश) से सीधे और ठोस रूप से जुड़ा है, जो बौद्ध समुदाय के लिए सार्वभौमिक महत्व रखती हैं।
  • पुरातत्व अन्वेषण: सारनाथ का स्थल 12वीं शताब्दी (तुर्क आक्रमणों) के बाद गुमनामी में चला गया था। 18वीं शताब्दी और विशेष रूप से 1904-1908 के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा अलेक्जेंडर कनिंघम और बाद में जॉन मार्शल के नेतृत्व में यहां बड़े पैमाने पर खुदाई की गई थी।
  • सारनाथ संग्रहालय: यह 1904 में स्थापित भारत का सबसे पुराना साइट म्यूजियम है। प्रसिद्ध अशोक सिंह शीर्ष और गुप्त काल की धर्मचक्रप्रवर्तन मुद्रा वाली बुद्ध की मूर्ति यहीं संरक्षित है।
  • भारत में यूनेस्को की स्थिति: भारत में अब 45 विश्व धरोहर स्थल (36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक, 1 मिश्रित) हैं। भारत दुनिया भर में छठे और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे (चीन के बाद) स्थान पर है।
  • नोडल एजेंसी: भारत में विश्व धरोहर स्थलों के नामांकन और संरक्षण के लिए 'भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण' (ASI) संस्कृति मंत्रालय के तहत नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
  • पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय में हुई विश्व धरोहर समिति की 47वीं बैठक में 'भारत के मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स' को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
  • भारत के 69 स्थल विश्व धरोहर की संभावित सूची में भी शामिल हैं, जिनका कि भविष्य में किसी भी स्थल को विश्व धरोहर स्थल के तौर पर माने जाने के लिए इस सूची में होना जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)


  •  शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और सूचना के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए समर्पित संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी।
  •  स्थापना - 1945 में।
  •  मुख्यालय- फ्रांस के पेरिस में।
  •  सदस्य देश- 194
  • भारत यूनेस्को का संस्थापक सदस्य है।

प्रश्न: हाल ही में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल ‘सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह वह स्थान है जहां गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे बौद्ध परंपरा में 'महाभिनिष्क्रमण' कहा जाता है।
  2. स्वतंत्र भारत के 'राष्ट्रीय प्रतीक' के रूप में अपनाया गया अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष मूल रूप से सारनाथ में ही स्थित था।
  3. सारनाथ के विश्व धरोहर स्थल घोषित होने के बाद, बौद्ध धर्म के चार सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से सभी चार (लुंबिनी, बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर) अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हो गए हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? 

(A) केवल 1 और 2 

(B) केवल 2

(C) केवल 1 और 3

(D) 1, 2 और 3

सही उत्तर: (B) 

Source: PIB