- शुभारंभ: 03 अगस्त 2026
- ऑटोमेशन: यहाँ निर्मित दवाएं अब पूरे राज्य के आयुर्वेद अस्पतालों में वितरित की जाएंगी।
- संचालन मॉडल: राज्य सरकार की ‘राइजिंग राजस्थान’ नीति के तहत PPP मोड पर राजस्थान आयुष विभाग एवं दीनदयाल आयुर्वेद द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जाएगी।
- बजट घोषणा: प्रदेश की 5 आयुर्वेद रसायनशालाओं का अत्याधुनिक तकनीक से ऑटोमेशन किया जा रहा है।
- केंद्रीय वित्तीय सहायता (आयुष मंत्रालय)-
- चालू वित्तीय वर्ष में राजस्थान को आयुष क्षेत्र हेतु 440 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है।
- राजस्थान में आयुर्वेद विश्वविद्यालय के विकास हेतु केंद्र सरकार द्वारा 70 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
- वैश्विक व राष्ट्रीय संदर्भ: केंद्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा के अनुसार, देश में वर्तमान में लगभग 3 करोड़ मरीज आयुर्वेद चिकित्सा से लाभान्वित हो रहे हैं और पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में 800% की वृद्धि दर्ज की गई है।
Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार।(1)