चर्चा में क्यों ?
- भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई 2026 को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए लगभग 8 माह के मिशन पर रवाना हुए।
- मिशन का नाम: Soyuz MS-29 Mission
- प्रक्षेपण स्थल: बैकोनूर कॉस्मोड्रोम (Baikonur Cosmodrome), कजाकिस्तान
- अंतरिक्ष यान: Soyuz MS-29
- संचालक: रूस की अंतरिक्ष एजेंसी – Roscosmos
- क्रू सदस्य
- अनिल मेनन (NASA, भारतीय मूल)
- प्योत्र दुब्रोव (Roscosmos)
- अन्ना किकिना (Roscosmos)
मिशन का उद्देश्य
- लंबी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा के मानव शरीर पर प्रभावों का अध्ययन।
- सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) का रक्त प्रवाह, शिराओं एवं रक्त संरचना पर प्रभाव जानना।
- अंतरिक्ष स्टेशन की पेयजल प्रणाली से अंतःशिरा (IV) द्रव तैयार करने की तकनीक का परीक्षण।
- अल्ट्रासाउंड आधारित चिकित्सा परीक्षण विकसित करना, ताकि भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों में पृथ्वी से तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता कम हो।
अनिल मेनन के बारे में
- जन्म: मिनियापोलिस, अमेरिका
- भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री।
- पेशे से आपातकालीन चिकित्सा चिकित्सक
- अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल।
- 2014: NASA में फ्लाइट सर्जन के रूप में शामिल।
- 2018: SpaceX में फ्लाइट सर्जन।
- 2021: NASA Astronaut Corps के लिए चयन।
- 2024: अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण पूरा।
- Roscosmos: रूस की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी।
मुख्य कार्य:
- मानव अंतरिक्ष उड़ान
- Soyuz मिशन
- ISS सहयोग
- अंतरिक्ष अनुसंधान
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS)
- पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में स्थित सबसे बड़ा अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र।
संयुक्त परियोजना:
- NASA (अमेरिका)
- Roscosmos (रूस)
- ESA (यूरोप)
- JAXA (जापान)
- CSA (कनाडा)
