उत्तर:
- शाहजहाँ का ज्येष्ठ पुत्र दारा शिकोह एक उदारवादी, सहिष्णु विचारक तथा बहुभाषाविद् (संस्कृत, फ़ारसी, अरबी) था, जिसने भारतीय सांस्कृतिक समन्वय (Ganga-Jamuni Tehzeeb) को नई दिशा दी। इतिहासकार लेन-पूल ने उसे 'लघु अकबर' (Little Akbar) की उपाधि दी।
साहित्यिक योगदान:
- सिर्र-ए-अकबर (महान रहस्य): 52 उपनिषदों का संस्कृत से फ़ारसी में ऐतिहासिक अनुवाद कराया, जिससे भारतीय दर्शन का प्रसार बाद में पश्चिम तक हुआ।
- मौलिक ग्रंथ: उसकी प्रसिद्ध रचना 'मज्म-उल-बहरीन' (दो महासागरों का मिलन) थी, जिसमें उसने हिंदू धर्म (वेदांत) और इस्लाम (सूफीवाद) को एक ही सत्य के दो मार्ग सिद्ध किया।
- अन्य अनुवाद: 'भगवद्गीता' और 'योगवाशिष्ठ' का फ़ारसी में अनुवाद करवाया। इसके अतिरिक्त सूफी संतों की जीवनी पर 'सफीनत-उल-औलिया' और 'सकीनात-उल-औलिया' पुस्तकें लिखीं।
सांस्कृतिक:
- वह सूफी मत के कादिरी सिलसिले (लाहौर के हज़रत मियां मीर व मुल्ला शाह बदख्शी) का अनन्य अनुयायी था।
- उसने काशी के पंडितों और मुस्लिम सूफियों को एक मंच पर लाकर दार्शनिक संवाद को बढ़ावा दिया।
कला :
- दारा शिकोह एल्बम (मुराक्का): मुग़ल चित्रकला का एक दुर्लभ संग्रह, जिसमें यथार्थवादी व्यक्ति-चित्रों, प्राकृतिक दृश्यों और सूफी संतों का रेखांकन है (जो उसने अपनी बेगम नादिरा बानो को भेंट किया था)।
- स्थापत्य: श्रीनगर (कश्मीर) में एक प्राकृतिक वेधशाला सह पुस्तकालय 'परी महल' का निर्माण करवाया।
- दारा शिकोह का यह दृष्टिकोण मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता, बौद्धिक समन्वय और समग्र भारतीय संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।