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खगोलविदों ने सक्रिय रूप से बन रहे एक चमकीले नीले तारे (Blue Straggler Star) की खोज की (UPSC/RAS/PSI)

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तिथि: 27 जुलाई 2026

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारतीय खगोलविदों ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर निर्माण की प्रक्रिया में एक दुर्लभ ब्लू स्ट्रैगलर स्टार (Blue Straggler Star – BSS) की खोज की है। यह खोज ब्लू स्ट्रैगलर तारों के निर्माण का पहला प्रत्यक्ष अवलोकनीय (Direct Observational) प्रमाण प्रदान करती है, जिससे तारकीय विकास (Stellar Evolution) के दशकों पुराने रहस्य को समझने में मदद मिलेगी।

प्रमुख बिंदु

  • भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों ने यह महत्वपूर्ण खोज की।
  • अध्ययन का विषय TIC 327546480 नामक द्विआधारी (Binary) तारा प्रणाली थी।
  • यह प्रणाली कोलिंडर 261 (Collinder 261) नामक पुराने खुले तारा समूह (Open Cluster) में स्थित है।
  • यह पृथ्वी से लगभग 9,500 प्रकाश वर्ष दूर है।
  • अध्ययन में पहली बार सक्रिय द्रव्यमान स्थानांतरण (Mass Transfer) को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया।
  • शोध The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुआ।

ब्लू स्ट्रैगलर स्टार (Blue Straggler Star - BSS) क्या है?

  • ब्लू स्ट्रैगलर स्टार ऐसे तारे होते हैं जो किसी तारा समूह (Star Cluster) में अपने समान आयु के अन्य तारों की तुलना में—
  • अधिक गर्म (Hotter),
  • अधिक चमकीले (Brighter),
  • अधिक विशाल (More Massive) दिखाई देते हैं।
  • सामान्यतः किसी तारा समूह के सभी तारे लगभग एक ही समय में बनते हैं, इसलिए उनकी आयु समान होती है। लेकिन BSS अपेक्षा से अधिक युवा दिखाई देते हैं, इसलिए इन्हें "कायाकल्पित तारे (Rejuvenated Stars)" भी कहा जाता है।

ब्लू स्ट्रैगलर स्टार कैसे बनते हैं?

वैज्ञानिकों के अनुसार BSS मुख्यतः दो तरीकों से बनते हैं—

1. द्रव्यमान स्थानांतरण (Mass Transfer)

  • एक द्विआधारी तारा प्रणाली में एक तारा अपने साथी तारे को पदार्थ (Mass) स्थानांतरित करता है।
  • इससे दूसरा तारा अधिक विशाल, गर्म और चमकीला बन जाता है।

2. तारकीय विलय (Stellar Merger)

  • दो तारे आपस में मिलकर एक नया अधिक विशाल तारा बना लेते हैं।
  • इस अध्ययन ने द्रव्यमान स्थानांतरण सिद्धांत का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत किया है।

खोज की प्रमुख विशेषताएँ

1. अध्ययन की गई प्रणाली

  • नाम: TIC 327546480
  • प्रकार: द्विआधारी (Binary) तारा प्रणाली
  • स्थान: Collinder 261 (Open Cluster)

2. सक्रिय द्रव्यमान स्थानांतरण

  • साथी तारा अपनी Roche Lobe सीमा से बाहर फैल गया।
  • उसका पदार्थ लगातार BSS में स्थानांतरित हो रहा है।
  • इससे BSS लगातार अधिक विशाल बन रहा है।

3. एक्स-रे उत्सर्जन

  • वैज्ञानिकों ने तीव्र X-ray Emission भी दर्ज किया।
  • यह दर्शाता है कि—
  • पदार्थ अभी भी BSS पर गिर रहा है।
  • द्रव्यमान स्थानांतरण वर्तमान में जारी है।

4. प्रमुख वैज्ञानिक आँकड़े

  • BSS का द्रव्यमान ≈ 1.67 सौर द्रव्यमान
  • साथी तारे का द्रव्यमान ≈ 0.32 सौर द्रव्यमान
  • कक्षीय अवधि ≈ 2.11 दिन
  • तारा समूह की आयु ≈ 7 अरब वर्ष
  • द्रव्यमान स्थानांतरण लगभग 5.46 अरब वर्ष पहले प्रारंभ हुआ।

अध्ययन में प्रयुक्त प्रमुख उपकरण

  • NASA का TESS (Transiting Exoplanet Survey Satellite)
  • यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला (ESO), चिली का Very Large Telescope (VLT)
  • इनसे प्राप्त प्रकाश वक्र (Light Curves) एवं रेडियल वेग (Radial Velocity) का विश्लेषण किया गया।

संबंधित पृष्ठभूमि

  • द्विआधारी तारा प्रणाली (Binary Star System)
  • ऐसी प्रणाली जिसमें दो तारे एक-दूसरे के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में एक साझा केंद्र के चारों ओर परिक्रमा करते हैं।

रोश लोब (Roche Lobe)

  • यह किसी तारे के चारों ओर वह गुरुत्वीय सीमा होती है जिसके भीतर उसका पदार्थ गुरुत्वाकर्षण द्वारा बंधा रहता है।
  • यदि तारा इस सीमा से बाहर फैल जाता है, तो उसका पदार्थ साथी तारे की ओर प्रवाहित होने लगता है।

ओपन क्लस्टर (Open Cluster)

  • एक ही गैस एवं धूल के बादल से बने तारों का समूह।
  • सभी तारों की आयु लगभग समान होती है।
  • गुरुत्वाकर्षण से शिथिल रूप से बंधे होते हैं।

इस खोज का महत्व

1. दशकों पुराने रहस्य का समाधान

  • BSS के निर्माण के प्रमुख सिद्धांत का प्रत्यक्ष प्रमाण प्राप्त हुआ।

2. तारकीय विकास की बेहतर समझ

  • तारों के जीवन चक्र एवं विकास को समझने में सहायता मिलेगी।

3. द्विआधारी तारा प्रणालियों का अध्ययन

  • Mass Transfer की प्रक्रिया को वास्तविक समय में समझने का अवसर मिलेगा।

4. आधुनिक खगोल विज्ञान

  • तारकीय भौतिकी (Stellar Astrophysics) के सिद्धांतों के परीक्षण में सहायता।

5. भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धि

  • भारतीय खगोल विज्ञान अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली।

परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)

तथ्य: विवरण

  • खोज: Blue Straggler Star (BSS)
  • स्थान: Collinder 261 Open Cluster
  • दूरी: लगभग 9,500 प्रकाश वर्ष
  • अध्ययन प्रणाली: TIC 327546480
  • प्रमुख प्रक्रिया: Mass Transfer
  • प्रमुख उपकरण: NASA TESS एवं ESO Very Large Telescope
  • शोध संस्थान: Indian Institute of Astrophysics (IIA)
  • शोध पत्र: The Astrophysical Journal Letters

संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न

प्रश्न 1. ब्लू स्ट्रैगलर स्टार (Blue Straggler Star) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(a) यह एक मृत तारा है।

(b) यह अपने तारा समूह के अन्य तारों की तुलना में अधिक गर्म एवं चमकीला दिखाई देता है।

(c) यह केवल आकाशगंगाओं के केंद्र में पाया जाता है।

(d) यह केवल न्यूट्रॉन तारे से बनता है।

उत्तर: (b)

प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. ब्लू स्ट्रैगलर स्टार का निर्माण द्रव्यमान स्थानांतरण या तारकीय विलय से हो सकता है।
  2. हालिया अध्ययन में NASA के TESS तथा ESO के Very Large Telescope का उपयोग किया गया।
  3. अध्ययन की गई तारा प्रणाली Collinder 261 में स्थित है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)

मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न

Q.)"ब्लू स्ट्रैगलर स्टार (Blue Straggler Star) तारकीय विकास के पारंपरिक सिद्धांतों को चुनौती देते हैं। हालिया खोज के संदर्भ में इनके निर्माण की प्रक्रिया, वैज्ञानिक महत्व तथा आधुनिक खगोल भौतिकी में इनके योगदान की चर्चा कीजिए।" (150 शब्द)

Source: PIB