तिथि: 22 जुलाई 2026
चर्चा में क्यों?
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अध्ययन संस्थान (IASST), गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने पहली बार अरंडी (Castor) के तेल में बोरोफेन (Borophene) नामक द्वि-आयामी (2D) नैनो पदार्थ का उपयोग उच्च-प्रदर्शन वाले स्नेहक योजक (Lubricant Additive) के रूप में प्रदर्शित किया है।
- इस शोध में पाया गया कि अरंडी के तेल में केवल 0.1 wt% बोरोफेन मिलाने से घर्षण (Friction) लगभग 42% तक कम हो जाता है। यह उपलब्धि ऊर्जा दक्षता, हरित स्नेहन (Green Lubrication), समुद्री अनुप्रयोगों तथा टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रमुख बिंदु
- IASST, गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने पहली बार बोरोफेन को जैव-स्नेहक योजक के रूप में उपयोग किया।
- आधार स्नेहक (Base Lubricant) के रूप में अरंडी (Castor) के तेल का प्रयोग किया गया।
- केवल 0.1 wt% बोरोफेन मिलाने से घर्षण में लगभग 42% की कमी दर्ज की गई।
- बोरोफेन बिना किसी रासायनिक संशोधन के अरंडी के तेल में समान रूप से फैल गया।
- उपयोग के दौरान यह टिकाऊ ट्राइबोफिल्म (Tribofilm) बनाता है, जिससे घिसाव कम होता है।
- यह शोध ACS Applied Engineering Materials जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
- शोध का नेतृत्व प्रो. देवाशीष चौधरी ने किया तथा प्रथम लेखक उज्जिबित बोरुआ (INSPIRE SRF) हैं।
बोरोफेन (Borophene) क्या है?
- बोरोफेन बोरॉन (Boron) तत्व की एक परमाणु मोटाई वाली द्वि-आयामी (2D) नैनो सामग्री है।
- इसे बोरॉन का ग्राफीन समकक्ष (Graphene Analogue) भी माना जाता है।
प्रमुख विशेषताएँ
- अत्यधिक हल्का एवं मजबूत
- उत्कृष्ट विद्युत चालकता
- उच्च ताप चालकता
- विशाल सतह क्षेत्र (High Surface Area)
- उत्कृष्ट यांत्रिक एवं रासायनिक गुण
प्रमुख अनुप्रयोग
- बैटरी
- सुपरकैपेसिटर
- फ्यूल सेल
- सेंसर
- नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स
- उच्च-प्रदर्शन स्नेहक
- जैव-स्नेहक (Bio-lubrican): जैव-स्नेहक वे स्नेहक होते हैं जो वनस्पति या जैविक स्रोतों से प्राप्त होते हैं तथा पर्यावरण में आसानी से अपघटित (Biodegradable) हो जाते हैं।
अरंडी का तेल एक प्रमुख जैव-स्नेहक है क्योंकि यह—
- नवीकरणीय (Renewable) है।
- जैव-अवक्रमणीय (Biodegradable) है।
- कम विषैला (Eco-friendly) है।
- अच्छी चिकनाई (Lubricity) प्रदान करता है।
⇒ ट्राइबोफिल्म (Tribofilm): जब स्नेहक और धातु की सतहें संचालन के दौरान परस्पर क्रिया करती हैं, तब उनके बीच बनने वाली अत्यंत पतली सुरक्षात्मक परत को ट्राइबोफिल्म (Tribofilm) कहते हैं।
⇒ इस शोध में बनी ट्राइबोफिल्म में लौह ऑक्साइड (Iron Oxide),कार्बनयुक्त यौगिक (Carbon-rich Compounds) और बोरोन-आधारित यौगिक (Boron Compounds)शामिल थे।
ट्राइबोफिल्म के लाभ
- घर्षण कम करती है।
- घिसाव (Wear) कम करती है।
- भार वहन क्षमता बढ़ाती है।
- मशीनों का जीवनकाल बढ़ाती है।
- ऊर्जा दक्षता में सुधार करती है।
इस शोध का महत्व
1. ऊर्जा दक्षता में वृद्धि
- घर्षण कम होने से मशीनों की ऊर्जा खपत घटेगी।
2. हरित स्नेहन तकनीक को बढ़ावा
- जैव-स्नेहकों के उपयोग से खनिज तेल आधारित स्नेहकों पर निर्भरता कम होगी।
3. टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing)
- कम घिसाव एवं अधिक दक्षता से औद्योगिक उत्पादन अधिक टिकाऊ बनेगा।
4. पर्यावरण संरक्षण
- जैव-अवक्रमणीय स्नेहकों के उपयोग से प्रदूषण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
5. औद्योगिक एवं समुद्री अनुप्रयोग
- यह तकनीक ऑटोमोबाइल, समुद्री उद्योग, ऊर्जा संयंत्रों तथा भारी मशीनों में उपयोगी हो सकती है।
परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)
तथ्य विवरण
- शोध संस्थान- IASST, गुवाहाटी
- प्रशासनिक संस्था- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
- मुख्य पदार्थ - बोरोफेन (Borophene)
- आधार स्नेहक- अरंडी (Castor) का तेल
- बोरोफेन की मात्रा- +0.1 wt%
- घर्षण में कमी- लगभग 42%
- सुरक्षात्मक परत- ट्राइबोफिल्म (Tribofilm)
- शोध पत्रिक- ACS Applied Engineering Materials
संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न
प्रश्न 1. हाल ही में चर्चा में रहा बोरोफेन (Borophene) क्या है?
(A) एक दुर्लभ पृथ्वी धातु
(B) बोरॉन की द्वि-आयामी (2D) नैनो सामग्री
(C) जैव ईंधन का प्रकार
(D) एक सुपरकंडक्टर मिश्रधातु
उत्तर: (B)
प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- बोरोफेन का उपयोग हाल ही में अरंडी के तेल आधारित जैव-स्नेहक में योजक के रूप में किया गया है।
- केवल 0.1 wt% बोरोफेन मिलाने से घर्षण में लगभग 42% की कमी दर्ज की गई।
- यह शोध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान IASST द्वारा किया गया है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3
उत्तर: (D)
मुख्य परीक्षा (GS-3) प्रश्न
Q.) "उन्नत द्वि-आयामी नैनो सामग्री (2D Nanomaterials) ऊर्जा दक्षता, हरित विनिर्माण तथा सतत औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बोरोफेन आधारित जैव-स्नेहक के संदर्भ में चर्चा कीजिए।" (150 शब्द)
स्रोत: PIB