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➔ IIT जोधपुर द्वारा 'Fire Safety Technologies' का विकास (RAS/PSI)

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  • मुख्य संस्थान 07 जुलाई 2026 को IIT Jodhpur के सिविल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा भविष्य की फायर सेफ्टी एवं स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज विकसित करने की जानकारी दी गई।
  • देशभर में अस्पतालोंकोचिंग संस्थानोंव्यावसायिक परिसरोंऊँची आवासीय इमारतों तथा औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रही भीषण आग की घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। हर वर्ष ऐसी दुर्घटनाओं में अनेक लोगों की जान चली जाती है और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हो जाती है। आमतौर पर जांच केवल आग लगने के कारणों तक सीमित रहती हैजबकि आग के बाद भवन कितना सुरक्षित हैयह एक ऐसा महत्वपूर्ण प्रश्न है जिस पर अपेक्षाकृत बहुत कम ध्यान दिया जाता है। क्या आग बुझने के बाद भी इमारत सुरक्षित रहती हैक्या किसी भवन के ढहने की आशंका का पहले से वैज्ञानिक अनुमान लगाया जा सकता हैक्या ऐसी तकनीक विकसित की जा सकती है जिससे भवन निर्माण के समय ही उन्हें Fire Resilient बनाया जा सके?
  • अनुसंधान नेतृत्वकर्ता सिविल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. पी. रवि प्रकाश
  • शोध का मूल आधार Performance-Based Structural Fire Engineering (यह तकनीक आग लगने से पहले, आग के दौरान और आग बुझने के बाद पूरी इमारत के व्यवहार का वैज्ञानिक विश्लेषण करती है)
  • मुख्य तकनीकी निष्कर्ष कई गंभीर संरचनात्मक विफलताएँ (Structural Failures) आग बुझने के बाद 'कूलिंग फेज' (Cooling Phase) के दौरान होती हैं, जिसे सामान्यतः पोस्ट-फायर निरीक्षण में नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
  •  एकीकृत आधुनिक डिजिटल तकनीकें
  • AI-Based Early Warning System: सीमित सेंसर डेटा से भवन के फायर रिस्पॉन्स का पूर्वानुमान लगाना।
  • इंटेलिजेंट प्लेटफॉर्म: BIM (Building Information Modeling), Digital Twins, IoT तथा GIS जैसी तकनीकों का एकीकरण कर स्मार्ट, टिकाऊ एवं सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।
  • पारंपरिक Fire Safety Systems मुख्य रूप से आग का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने पर केंद्रित होते हैं। लेकिन वास्तविक खतरा अक्सर लंबे समय तक आग के प्रभाव के कारण भवन की संरचना को होने वाली क्षति से उत्पन्न होता है। कई बार आग बुझ जाने के बाद भी इमारत के ढहने का जोखिम बना रहता है।
  •  IIT Jodhpur की टीम ने ऐसे उन्नत Computational Models विकसित किए हैंजो भवन के भीतर आग फैलने की प्रक्रिया का Simulation कर सकते हैंविभिन्न Fire Scenarios में Structural Components के व्यवहार का विश्लेषण कर सकते हैं तथा आग के बाद भवन को हुई वास्तविक क्षति का वैज्ञानिक आकलन कर सकते हैं।
  • शोध का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी बताता है कि कई गंभीर Structural Failures आग बुझने के बाद Cooling Phase के दौरान भी हो सकते हैं। यह वह चरण है जिसे सामान्यतः Post-Fire Inspection के दौरान नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
  • शोधकर्ताओं ने AI-Based Solutions भी विकसित किए हैंजो सीमित Sensor Data की सहायता से भवन की Fire Response का पूर्वानुमान लगा सकते हैं। इन्हें Early Warning System के साथ एकीकृत किया गया हैजिससे Fire Rescue Management को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यह तकनीक Disaster Management Agencies, Structural Engineers, Insurance Agencies, Urban Planners तथा Emergency Response Teams के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

Source: PIB