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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना का विस्तार (UPSC/RAS/PSI)

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  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री-किसान योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी
  • वित्तीय परिव्यय: कुल ₹3.15 लाख करोड़ 
  • अवधि: 2026-27 से 2030-31।
  • शुरुआत: फरवरी 2019 में ।
  • प्रकृति: केंद्रीय क्षेत्र की योजना
  • वित्तीय सहायता: प्रति वर्ष ₹6,000 ( ₹2,000 की तीन समान किस्तों में, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली द्वारा )
  • पात्रता का विस्तार: (2019) में यह योजना केवल उन छोटे और सीमांत किसानों के लिए थी जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि थी। बाद में 1 जून 2019 से इसका विस्तार कर देश के 'सभी' भूमिधारक किसान परिवारों को इसमें शामिल कर लिया गया।
  • इस योजना से संस्थागत भूमिधारक, संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, कार्यरत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ/ग्रुप डी को छोड़कर), और आयकर दाताओं को बाहर रखा गया है।
  • राजस्थान में, इसकी राशि बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी गई है (मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 3,000 रुपये अतिरिक्त)।

योजना की प्रमुख उपलब्धियां:

  • कुल फंड ट्रांसफर: अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी जा चुकी है।
  • लाभार्थी दायरा: नवीनतम 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग ₹18,984 करोड़ की सहायता दी गई।
  • महिला सशक्तिकरण: योजना के लाभार्थियों में लगभग 25% (हर चार में से एक) महिला किसान हैं। महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की प्रत्यक्ष सहायता प्राप्त हुई है।
  • संकट प्रबंधन: कोविड-19 महामारी के कठिन समय में इस योजना के जरिए किसानों को ₹1.71 लाख करोड़ से अधिक की राहत राशि वितरित की गई।

योजना का प्रभाव (नीति आयोग DMEO मूल्यांकन):

नीति आयोग के 'विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय' (DMEO) के स्वतंत्र आकलन के अनुसार:

  • कृषि निवेश में वृद्धि: 92% से अधिक लाभार्थियों ने सहायता राशि का उपयोग बीज, उर्वरक और कृषि मशीनरी जैसी उत्पादक गतिविधियों के लिए किया।
  • साहूकारों पर निर्भरता में कमी: लगभग 85% लाभार्थियों ने कृषि आय में सुधार और अनौपचारिक ऋण (साहूकारों) पर अपनी निर्भरता कम होने की पुष्टि की।
  • उत्पादन में वृद्धि: 2020-21 से 2025-26 के बीच कृषि क्षेत्र में 9.65%, उत्पादकता में 10.53% और कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21.18% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

PIB: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री-किसान योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी