उत्तर-
- प्रारम्भ-नीति आयोग द्वारा इस सूचकांक की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। इसकी वर्तमान गणना राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21) के आधार पर की गई है।
- जारीकर्ता:भारत में इसे नोडल एजेंसी 'नीति आयोग' द्वारा जारी किया जाता है।
- उद्देश्य: गरीबी को केवल आय के बजाय बहुआयामी स्तर पर मापना, लक्षित नीतियां बनाना और सतत विकास लक्ष्य (SDG-1.2) के तहत गरीबी को आधा करने के लक्ष्य को प्राप्त करना।
- आयाम एवं उनके संकेतक (3 आयाम और 12 संकेतक):1
- स्वास्थ्य (Health): पोषण ,बाल एवं किशोर मृत्यु दर,प्रसवपूर्व देखभाल
- 2 शिक्षा (Education): स्कूली शिक्षा के वर्ष,स्कूली शिक्षा में उपस्थिति
- 3 जीवन स्तर (Standard of Living): पक्का मकान,विद्युत आपूर्ति,स्वच्छता (शौचालय), स्वच्छ पेयजल,भोजन पकाने का ईंधन,परिसंपत्तियां,बैंक खाता
- नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बहुआयामी गरीबी का स्तर (2019-21 में) घटकर 14.96% रह गया है। यह गिरावट उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसे लक्षित सरकारी कार्यक्रमों की सफलता को प्रमाणित करती है।