- पदभार ग्रहण: 31 जुलाई 2024 को 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
- कार्यकाल के दो प्रमुख थीम/चरण-
- प्रथम वर्ष: 'अभ्युदय की ओर'
- द्वितीय वर्ष: 'सहकार से सिद्धि' (आलोक पथ)

- उच्च शिक्षा एवं अकादमिक सुधार-
- विश्वविद्यालयों में NAAC एक्रीडिएशन हेतु उच्च शिक्षा विभाग के शासन सचिव के संयोजन में विशेष समिति का गठन।
- राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में समयबद्ध कैलेंडर (प्रवेश, परीक्षा, परिणाम एवं दीक्षांत समारोह) अनिवार्य।
- विश्वविद्यालयों का वित्तीय अंकेक्षण तथा रोस्टर संधारित कर शैक्षणिक व अशैक्षणिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ।
- प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में 'राजस्थानी भाषा केंद्रों' की स्थापना की पहल।
- यूनिवर्सिटी सोशल रेस्पांसिब्लिटी के चतुर्थ चरण के अन्तर्गत न्यूनतम 2 एवं अधिकतम 5 गांव गोद लेने हेतु निर्देशित किया गया, जिसकी पालना में 24 राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों द्वारा 59 गांव गोद लिए गए है, जिनमें 2 विश्वविद्यालयों द्वारा गोदित 4 गांव राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में स्थित है।
- जनजातीय विकास एवं खेल प्रोत्साहन-
- जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को 'लैक्रोज' खेल हेतु राजस्थान लैक्रोज एसोसिएशन को ₹20.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की। (राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025-26 में राजस्थान टीम ने 5 स्वर्ण व 1 कांस्य पदक जीते)।
- राज्यपाल के विवेकाधीन कोष से आकांक्षी ब्लॉक सज्जनगढ़ (बांसवाड़ा) के लसोड़िया स्कूल तथा खैरवाड़ा (उदयपुर) के बालिका स्कूल को ₹7.50-7.50 लाख की सहायता।
- बांस की खेती, वनीकरण और वनधन विकास केंद्रों (TRIFED) के उत्पादों का विपणन।
- पूर्व सैनिक एवं वीरांगना कल्याण-
- द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों की मासिक सहायता राशि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई।
- पूर्व सैनिकों के बच्चों हेतु कोचिंग सहायता राशि ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई।
- RTDC इकाइयों में वीरांगनाओं को 50% तथा पूर्व/सेवारत सैनिकों को 25% शुल्क छूट।
- राज्यभर में 1,400 से अधिक वीरांगनाओं का सम्मान।
- डिजिटल सुशासन व अन्य नवाचार-
- लोकभवन में 'फाइल बॉक्स' और इन-हाउस पोर्टल 'RB CORE - Order Repository'
- लोकभवन इन्फार्मास पोर्टल विकसित करने की पहल। राज्यपाल सचिवालय को पूरी तरह से ऑनलाईन करते अनुभागों के पत्राचार, फाइलिंग ऑनलाईन की गई।
- सूचना एवं संसार प्रौद्योगिकी के अंतर्गत लोकभवन का ‘फाइल बाक्स‘ विकसित।
- सूचना एवं संसार प्रौद्योगिकी के अंतर्गत ‘सेव पेपर सेव एनवायरमेंट‘ पहल की शुरुआत की गई।
- सहकारिता क्षेत्र में देश की चौथी सबसे बड़ी बैंक 'TJSB सहकारी बैंक लिमिटेड' की जयपुर शाखा का शुभारम्भ। महाराष्ट्र के ठाणे से प्रारंभ यह देश की पहली सहकारी बैंक रही है।
Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार।