- आयोजन: 09 अगस्त 2026
- अवसर: विश्व आदिवासी दिवस (ग्रामीण विकास एवं शोध परिषद) एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री, राजस्थान विश्वविद्यालय के स्व. प्रोफेसर सांवरलाल जाट की नवम् पुण्य स्मृति के अवसर पर।
- मुख्य वक्ता: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
- मुख्य बिंदु-
- आदिवासी समुदाय और पर्यावरण संरक्षण: 'धरती आबा' बिरसा मुंडा।
- राज्यपाल ने चौथी शताब्दी की पुस्तक "कृषि पाराशर" और महाराणा प्रताप के दरबारी लेखक पंडित चक्रधर मिश्र की "विश्वल्लभ" का विशेष उल्लेख किया, जिनमें वर्षा जल संग्रहण, खेतों में छोटे बांध, कुएं, बावड़ियां और तालाब बनाने की वैज्ञानिक विद्या दी गई है।
- पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कहावत—‘घी ढुल्याँ म्हारो की नीं जासी। पानी ढुल्याँ म्हारो जी बले।
- देश की लगभग 60 करोड़ आबादी गंभीर जल संकट का सामना कर रही है।
- दुनिया की 17% आबादी का भरण-पोषण करने वाले भारत के पास वैश्विक ताजे पानी का केवल 4% हिस्सा उपलब्ध है।
- वैश्विक स्तर पर निकाले जाने वाले कुल भू-जल का लगभग 25% हिस्सा अकेले भारत द्वारा निकाला जाता है।
Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार।