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गोवा में ‘भाषिनी राजयम’ का शुभारंभ: कोंकणी एवं भारतीय भाषाओं में AI-संचालित शासन को बढ़ावा (UPSC/RAS/PSI)

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तिथि: 21 जुलाई 2026

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (DIBD) ने गोवा सरकार के सहयोग से ‘भाषिनी राजयम: राज्य सहभागिता कार्यशाला’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य कोंकणी सहित भारतीय भाषाओं में AI-संचालित बहुभाषी डिजिटल शासन को बढ़ावा देना तथा नागरिकों को उनकी मातृभाषा में सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

प्रमुख बिंदु

  • गोवा में ‘भाषिनी राजयम’ का शुभारंभ किया गया।
  • आयोजन डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (DIBD) एवं गोवा सरकार के सहयोग से हुआ।
  • कोंकणी भाषा के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र (Digital Ecosystem) को मजबूत करने पर विशेष जोर।
  • AI आधारित अनुवाद, वाक् पहचान (ASR), टेक्स्ट-टू-स्पीच (TTS), लिप्यंतरण एवं बहुभाषी API का प्रदर्शन।
  • शासन, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं नागरिक सेवाओं में बहुभाषी AI के उपयोग पर चर्चा।

भाषिनी राजयम (Bhashini Rajyam) क्या है?

  • भाषिनी राजयम राज्यों के साथ साझेदारी में आयोजित एक पहल है, जिसका उद्देश्य—
  • भारतीय भाषाओं में डिजिटल शासन को बढ़ावा देना।
  • AI आधारित भाषा प्रौद्योगिकियों का उपयोग बढ़ाना।
  • नागरिकों को उनकी पसंदीदा भाषा में सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना।
  • भाषा आधारित डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) सुनिश्चित करना।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ

1. बहुभाषी AI आधारित शासन

  • नागरिक अपनी भाषा में सरकारी सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।
  • भाषा की बाधा को समाप्त करने का प्रयास।

2. AI भाषा प्रौद्योगिकी

  • स्वचालित वाक् पहचान (ASR)
  • न्यूरल मशीन अनुवाद (NMT)
  • टेक्स्ट-टू-स्पीच (TTS)
  • ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR)
  • लिप्यंतरण (Transliteration)
  • बहुभाषी API

3. भाषिनी समाधान

  • भाषिनी ऐप मित्र
  • भाषिनी मित्र
  • भाषिनी वक्ता
  • इनके माध्यम से नागरिकों को आवाज-आधारित एवं बहुभाषी डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।

4. कोंकणी भाषा पर विशेष ध्यान

  • कोंकणी भाषा के डेटासेट का विस्तार।
  • AI मॉडलों का विकास।
  • राज्य-विशिष्ट उपयोग (Use Cases) की पहचान।

भाषिनी (BHASHINI) क्या है?

  • भाषिनी (BHASHINI – Bhasha Interface for India) भारत सरकार की राष्ट्रीय भाषा AI पहल है।
  • इसका उद्देश्य—
  • भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराना।
  • भाषा आधारित डिजिटल समावेशन बढ़ाना।
  • AI आधारित अनुवाद एवं वाक् तकनीकों का विकास करना।

वर्तमान उपलब्धियाँ

  • 800+ सरकारी वेबसाइटों को समर्थन।
  • 8 अरब से अधिक AI अनुमान (AI Inferences) सक्षम।
  • प्रतिदिन 2 करोड़ से अधिक AI अनुमान संसाधित।
  • 36 भारतीय पाठ भाषाओं का समर्थन।
  • 23 भारतीय वाक् (Speech) भाषाओं का समर्थन।
  • 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन।

इस पहल का महत्व

1. डिजिटल समावेशन

  • भाषा की बाधा समाप्त कर अधिक नागरिकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना।

2. सुशासन

  • सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाना।

3. क्षेत्रीय भाषाओं का संरक्षण

  • कोंकणी सहित भारतीय भाषाओं का डिजिटल विकास।

4. AI आधारित नवाचार

  • भारतीय भाषाओं के लिए स्वदेशी AI समाधान विकसित करना।

5. पर्यटन एवं नागरिक सेवाएँ

  • पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बहुभाषी डिजिटल सहायता उपलब्ध कराना।

परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)

तथ्य विवरण

  • पहल: भाषिनी राजयम
  • आयोजन: डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (DIBD)
  • स्थान: पणजी, गोवा
  • प्रमुख भाषा: कोंकणी
  • मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)
  • प्रमुख तकनीकें: ASR, NMT, TTS, OCR, Transliteration, Multilingual API
  • समर्थित सरकारी वेबसाइटें: 800+
  • भारतीय पाठ भाषाएँ: 36
  • भारतीय वाक् भाषाएँ: 23
  • अंतरराष्ट्रीय भाषाएँ: 35

संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न

प्रश्न 1. हाल ही में चर्चा में रहा ‘भाषिनी राजयम’ किससे संबंधित है?

(a) अंतरिक्ष अनुसंधान

(b) बहुभाषी AI आधारित डिजिटल शासन

(c) साइबर सुरक्षा अभ्यास

(d) डिजिटल भुगतान प्रणाली

उत्तर: (b)

प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. भाषिनी भारत सरकार की AI आधारित बहुभाषी डिजिटल समावेशन पहल है।
  2. गोवा में आयोजित भाषिनी राजयम कार्यशाला में कोंकणी भाषा के डिजिटल विकास पर विशेष बल दिया गया।
  3. भाषिनी ASR, NMT, TTS तथा OCR जैसी भाषा प्रौद्योगिकियों का समर्थन करता है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)

मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न

Q.) "भारतीय भाषाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना समावेशी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ‘भाषिनी राजयम’ पहल के संदर्भ में इसकी आवश्यकता, लाभ एवं चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।" (150 शब्द)

Source: PIB