मानस–महाभारत अंतर्राष्ट्रीय सभ्यतागत अध्ययन केंद्र (UPSC/RAS/PSI)
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जुलाई 2026 में भारत और किर्गिस्तान के बीच सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में "मानस–महाभारत अंतर्राष्ट्रीय सभ्यतागत अध्ययन केंद्र" का उद्घाटन किया गया।
यह पहल मध्य एशिया में भारत की सभ्यतागत कूटनीति (Civilizational Diplomacy) को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
"मानस–महाभारत" केंद्र का उद्देश्य भारत और किर्गिस्तान की साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक परंपराओं पर शोध को संस्थागत रूप देना है। इसमें विशेष रूप से भारत के महान महाकाव्य महाभारत और किर्गिस्तान के राष्ट्रीय महाकाव्य मानस (Manas Epic) के तुलनात्मक अध्ययन पर ध्यान दिया जाएगा।
यह केंद्र दोनों देशों के इतिहास,साहित्य,लोक परंपराओं,संस्कृति और सभ्यतागत संबंधों पर शोध को बढ़ावा देगा।
मानस महाकाव्य (Manas Epic)
मानस किर्गिस्तान का राष्ट्रीय महाकाव्य है।
यह किर्गिज़ लोगों की ऐतिहासिक स्मृति, संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
यह विश्व के सबसे लंबे मौखिक महाकाव्यों में से एक माना जाता है।
इसमें किर्गिज़ नायक मानस के जीवन, संघर्ष और नेतृत्व का वर्णन मिलता है।
महाभारत और मानस का महत्व
भारत का महाभारत और किर्गिस्तान का मानस दोनों ही महाकाव्य वीरता,नैतिक मूल्यों,सामाजिक व्यवस्था,नेतृत्व और सांस्कृतिक पहचानसे जुड़े हुए हैं।
इन दोनों ग्रंथों के अध्ययन से भारत और मध्य एशिया के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों को समझने में सहायता मिलेगी।
किर्गिस्तान के राष्ट्रीय महाकाव्य मानस का पहला हिंदी अनुवाद भी जारी किया गया।
मानस नेशनल एकेडमी, CSIR (Council of Scientific and Industrial Research) तथा किर्गिस्तान के सात प्रमुख विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत के लिए महत्व
सभ्यतागत कूटनीति को बढ़ावा: भारत अपनी प्राचीन संस्कृति, ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक संबंधों के माध्यम से मध्य एशियाई देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहा है।
मध्य एशिया से सांस्कृतिक संबंध: यह पहल भारत और किर्गिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क (People-to-People Connect) को बढ़ाएगी।
रणनीतिक महत्व: मध्य एशिया भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा,व्यापार,कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोगकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
किर्गिस्तान :
राजधानी — बिश्केक
क्षेत्र — मध्य एशिया
मुद्रा — किर्गिज़ सोम (Kyrgyz Som)
प्रमुख पर्वतीय क्षेत्र — तियान शान पर्वत (Tian Shan Mountains)
भारत के साथ संबंध — सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग