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खदान बंदी: सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास की दिशा में भारत की नई पहल (UPSC/RAS/PSI)

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तिथि: 24 जुलाई 2026

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने नई दिल्ली में "आरोह—खदान बंदी पर वार्षिक रिपोर्ट" जारी करते हुए कहा कि भारत वैज्ञानिक तरीके से बंद की गई खदानों को संपदा सृजन, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के नए केंद्रों में बदल रहा है। यह पहल भारत की सर्कुलर इकोनॉमी, नेट-ज़ीरो 2070 और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रमुख बिंदु

  •  भारत बंद हो चुकी खदानों को आर्थिक गतिविधियों, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और सामुदायिक विकास के केंद्रों में परिवर्तित कर रहा है।
  •  "आरोह—खदान बंदी पर वार्षिक रिपोर्ट" में वैज्ञानिक तरीके से बंद की गई 42 खदानों का दस्तावेजीकरण किया गया है।
  •  वैज्ञानिक खदान बंदी से भूमि पुनर्स्थापन, संसाधन दक्षता, कचरे से संपदा निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
  •  पुनर्स्थापित खदान क्षेत्रों का उपयोग कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, कौशल विकास तथा सामुदायिक परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
  •  स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भागीदारी बढ़ाकर रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित किए जाएंगे।

प्रमुख पहलें

  •  कोयला नीर संयंत्रों का वर्चुअल उद्घाटन।
  •  कोयला मंत्रालय एवं जर्मनी की GIZ के बीच तकनीकी सहयोग हेतु कार्यान्वयन समझौता।
  •  खनन क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने हेतु त्रिपक्षीय समझौते (MoUs)।
  •  रीक्लेम (RECLAIM), LIVES एवं सुविकल्प जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से खदान बंदी को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया जा रहा है।

सर्कुलर इकोनॉमी क्या है?

  • सर्कुलर इकोनॉमी वह आर्थिक मॉडल है जिसमें संसाधनों का पुनः उपयोग (Reuse), पुनर्चक्रण (Recycle), पुनर्प्राप्ति (Recover) और पुनर्निर्माण (Remanufacture) कर अपशिष्ट को न्यूनतम किया जाता है तथा "कचरे से संपदा" (Waste to Wealth) का निर्माण किया जाता है।

महत्व

  •  नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता।
  •  पर्यावरणीय क्षति को कम करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा।
  •  खनन क्षेत्रों में रोजगार एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास।
  •  परित्यक्त खदानों का उत्पादक उपयोग।
  •  भारत की सर्कुलर इकोनॉमी और हरित विकास रणनीति को मजबूती।

परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)

  •  रिपोर्ट का नाम: आरोह—खदान बंदी पर वार्षिक रिपोर्ट
  •  जारीकर्ता: कोयला मंत्रालय
  •  वैज्ञानिक रूप से बंद की गई खदानें: 42
  •  अंतरराष्ट्रीय सहयोग: जर्मनी की GIZ
  •  राष्ट्रीय लक्ष्य: नेट-ज़ीरो उत्सर्जन 2070
  •  मुख्य अवधारणा: वैज्ञानिक खदान बंदी एवं सर्कुलर इकोनॉमी

संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न

प्रश्न 1. "आरोह—खदान बंदी पर वार्षिक रिपोर्ट" का संबंध किस मंत्रालय से है?

(A) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
(B) कोयला मंत्रालय
(C) खान एवं इस्पात मंत्रालय
(D) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

उत्तर: (B)

प्रश्न 2. सर्कुलर इकोनॉमी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

1. इसका उद्देश्य संसाधनों का अधिकतम पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण करना है।
2. वैज्ञानिक खदान बंदी इसका एक उदाहरण है।
3. इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ाना तथा पुनर्चक्रण को कम करना है।

नीचे दिए गए कूट का सही उत्तर चुनिए—

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3

उत्तर: (A)

मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न

Q.) "वैज्ञानिक खदान बंदी भारत की सर्कुलर इकोनॉमी, पर्यावरण संरक्षण तथा समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

स्रोत: PIB