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➔ 'मिशन मधुहारी': टाइप-1 डायबिटीज प्रबंधन हेतु राजस्थान का नवाचार (RAS/PSI)

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  • लक्षित वर्ग: प्रदेश में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों व युवाओं के लिए।
  • दीर्घकालिक लक्ष्य: वर्ष 2030 तक टाइप-1 डायबिटीज के कारण किसी भी बच्चे की मृत्यु न होने देना।
  • पायलट प्रोजेक्ट: जून 2024 में 'विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन' के सहयोग से जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं नागौर में शुरुआत।
  • प्रशासनिक व भौतिक विस्तार-
  • 41 जिलों में 120 विशेष टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक संचालित (80 अतिरिक्त प्रस्तावित)
  • निःशुल्क सामग्री: इंसुलिन, ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स, लैंसेट, लॉगबुक तथा लगभग 4,000 मरीजों हेतु Continuous Glucose Monitoring (CGM) प्रणाली।
  • एआई (AI) आधारित नवाचार (देश में प्रथम)-
  • MadhuRoop AI Digital Twin: मरीज के स्वास्थ्य आंकड़ों से हाइपो/हाइपर ग्लाइसीमिया का पूर्वानुमान लगाने वाली एआई प्रणाली।
  • मधु नेत्र AI: डायबिटिक रेटिनोपैथी (आँखों की समस्या) की 90%+ सटीकता से प्रारंभिक पहचान करने वाली एआई तकनीक (7 जिलों में लागू; मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 से सम्मानित)।
  • जीवन प्रबंधन एवं सहायक घटक-
  • मधुहारी बैंक: इंसुलिन की निरंतर आपूर्ति।
  • मधुहारी कैंपस: 205 सरकारी स्कूलों व 41 कॉलेजों को डायबिटीज-अनुकूल बनाना।
  • मधुवाणी: 104 हेल्पलाइन पर 24x7 परामर्श।
  • मधुस्माइल वेलबीइंग इंडेक्स: मरीजों के भावनात्मक, सामाजिक व शैक्षणिक पहलुओं के वैज्ञानिक मूल्यांकन हेतु देश का पहला इंडेक्स (औसत स्कोर: 78.9%) जबकि अधिकांश प्रतिभागियों ने ‘गुड’ अथवा ‘हाई’ श्रेणी में स्थान प्राप्त किया। क्लीनिकों का त्रि-स्तरीय वर्गीकरण: प्लैटिनम, गोल्ड एवं सिल्वर श्रेणी।

Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार।