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भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को मिली नई गति: 618.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक निवेश (UPSC/RAS/PSI)

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तिथि: 23 जुलाई 2026

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को बताया कि वर्ष 2020 के अंतरिक्ष सुधारों के बाद भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 31 मार्च 2026 तक निजी निवेश 618.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है तथा 105 निजी संस्थाओं को अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए प्राधिकरण जारी किए जा चुके हैं।

प्रमुख बिंदु

  • भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में 618.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का संचयी निवेश।
  • केवल 2026 में 187 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निजी निवेश दर्ज।
  • 14 जुलाई 2026 तक 105 गैर-सरकारी संस्थाओं (NGEs) को IN-SPACe द्वारा प्राधिकरण जारी।
  • 17 अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अंतरिक्ष गतिविधियों के संचालन की अनुमति।
  • 2014 में केवल 1 स्पेस स्टार्टअप था, जो अब बढ़कर 400 से अधिक हो चुके हैं।

सरकार की प्रमुख पहलें

  • भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 (Indian Space Policy 2023) का क्रियान्वयन।
  • अंतरिक्ष क्षेत्र में उदारीकृत FDI नीति
  • IN-SPACe के माध्यम से सरल एवं पारदर्शी अनुमति प्रणाली।
  • ISRO की परीक्षण एवं प्रक्षेपण सुविधाओं तक निजी कंपनियों की पहुँच।
  • ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड
  • ₹500 करोड़ का टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड
  • IN-SPACe सीड फंड, स्टार्टअप सहायता, तकनीक हस्तांतरण एवं कौशल विकास कार्यक्रम।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान

  • प्रत्येक निजी अंतरिक्ष परियोजना का मूल्यांकन IN-SPACe के मानदंडों के अनुसार किया जाता है।
  • रणनीतिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए ही अनुमति दी जाती है।
  • निजी भागीदारी बढ़ने के साथ समर्पित सुरक्षा दिशा-निर्देश (Security Guidelines) तैयार किए जा रहे हैं।

उपलब्धियाँ

  • भारतीय निजी कंपनियों ने 30 से अधिक उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किए।
  • PSLV Orbital Experimental Module (POEM) के माध्यम से लगभग 45 पेलोड प्रक्षेपित किए गए।
  • Earth Observation Public-Private Partnership (EO-PPP) के तहत भारत का पहला निजी स्वामित्व वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह समूह विकसित किया जा रहा है।
  • इस परियोजना में लगभग ₹1,200 करोड़ के निजी निवेश की प्रतिबद्धता है।
  • IN-SPACe ने 45 से अधिक देशों के साथ सहयोग स्थापित किया है।

IN-SPACe क्या है?

  • Indian National Space Promotion and Authorization Centre (IN-SPACe) भारत सरकार की वह संस्था है, जो निजी कंपनियों को अंतरिक्ष गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन, प्राधिकरण एवं नियमन प्रदान करती है।

परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)

  • नियामक संस्था: IN-SPACe
  • अंतरिक्ष नीति: Indian Space Policy, 2023
  • संचयी निजी निवेश: 618.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  • जारी प्राधिकरण: 105
  • अधिकृत स्टार्टअप: 17
  • कुल सक्रिय स्पेस स्टार्टअप: 400+
  • महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म: PSLV-POEM
  • विशेष परियोजना: EO-PPP

संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न

प्रश्न 1. भारत में निजी अंतरिक्ष गतिविधियों के प्रोत्साहन एवं प्राधिकरण के लिए उत्तरदायी संस्था कौन-सी है?

(A) DRDO
(B) ISRO
(C) IN-SPACe
(D) NSIL

उत्तर: (C)

प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

1. भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देती है।
2. IN-SPACe निजी अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए प्राधिकरण प्रदान करता है।
3. 2026 तक भारत में 400 से अधिक सक्रिय स्पेस स्टार्टअप कार्यरत हैं।

नीचे दिए गए कूट का सही उत्तर चुनिए—

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3

उत्तर: (D)

मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न

Q.) "भारत में 2020 के अंतरिक्ष सुधारों के बाद निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी ने अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार एवं आर्थिक विकास के संदर्भ में इसकी समीक्षा कीजिए।" (150 शब्द)

स्रोत: PIB