(Science & Technology | Space Technology | NASA | UPSC GS-3 | Prelims + Mains)
चर्चा में क्यों?
- हाल ही में National Aeronautics and Space Administration ने NASA Innovative Advanced Concepts (NIAC) 2026 Phase-I के अंतर्गत PRAXIS (Planetary Rings Autonomous eXploration with In-situ Sampling) मिशन का चयन किया है। यह मिशन पहली बार किसी ग्रह के वलय (Planetary Rings) से प्रत्यक्ष नमूने (In-situ Sampling) एकत्र करने का प्रयास करेगा।
प्रमुख बिंदु
- PRAXIS का चयन NIAC 2026 Phase-I के लिए किया गया है।
- यह ग्रहों के वलय (Planetary Rings) से प्रत्यक्ष नमूने एकत्र करने की अभिनव अवधारणा है।
- मानव ने अब तक किसी भी ग्रह के वलय को प्रत्यक्ष रूप से न तो छुआ है और न ही वहाँ से नमूने एकत्र किए हैं।
- यह मिशन शनि (Saturn), यूरेनस (Uranus), नेपच्यून (Neptune) तथा चारिक्लो (Chariklo) और चिरोन (Chiron) जैसी छोटी खगोलीय वस्तुओं के वलयों के अध्ययन में सहायक होगा।
प्रैक्सिस (PRAXIS) मिशन क्या है?
- PRAXIS (Planetary Rings Autonomous eXploration with In-situ Sampling) एक प्रस्तावित अंतरिक्ष मिशन है, जिसका उद्देश्य ग्रहों के वलयों में उपस्थित कणों का प्रत्यक्ष अध्ययन एवं नमूनाकरण करना है।
उद्देश्य
- वलय कणों के आकार (Size) का अध्ययन।
- सरंध्रता (Porosity) का विश्लेषण।
- संरचना (Structure) एवं रासायनिक संघटन (Chemical Composition) का निर्धारण।
- ग्रहों के वलयों के निर्माण, विकास एवं विनाश की प्रक्रिया को समझना।
शनि (Saturn) के वलयों की विशेषताएँ
- मुख्यतः जल-बर्फ (Water Ice) से बने हैं।
- इनमें सूक्ष्म धूल कणों से लेकर घर के आकार तक के बड़े-बड़े पिंड पाए जाते हैं।
- कण लगातार टकराते, जुड़ते और टूटते रहते हैं।
- वलय गुरुत्वाकर्षण एवं कक्षीय गति के कारण निरंतर परिवर्तित होते रहते हैं।
पृष्ठभूमि
- Cassini–Huygens Mission ने शनि एवं उसके वलयों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
- इसके बावजूद यह प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं कि—
- वलय कैसे बने?
- उनका विकास कैसे होता है?
- वे कैसे समाप्त होते हैं?
- PRAXIS इन प्रश्नों के उत्तर खोजने का प्रयास करेगा।
मिशन कैसे कार्य करेगा?
1. AI-संचालित रोबोटिक प्रणाली
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित जैव-प्रेरित रोबोटिक प्रणाली।
- स्वायत्त नेविगेशन (Autonomous Navigation)।
- टक्कर से बचाव (Collision Avoidance)।
- लक्ष्य चयन एवं वास्तविक समय वैज्ञानिक विश्लेषण।
2. नमूना संग्रहण (Sampling)
- अंतरिक्ष यान वलय तल (Ring Plane) को हल्के से स्पर्श करेगा।
- उपयुक्त कण की पहचान करेगा।
- लंबे एवं लचीले बूम (Deployable Boom) द्वारा Touch-and-Go Sampling करेगा।
- नमूने का तत्काल विश्लेषण किया जाएगा।
3. अनेक क्षेत्रों का अध्ययन
- एक क्षेत्र से नमूना लेने के बाद अंतरिक्ष यान वलयों के दूसरे भाग या अंतराल (Gap) में जाएगा।
- विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त कणों की तुलना की जाएगी।
इस मिशन का महत्व
- ग्रह विज्ञान (Planetary Science): ग्रहों के वलयों की उत्पत्ति एवं विकास को समझने में सहायता।
- सौर मंडल का अध्ययन : ग्रहों एवं छोटे खगोलीय पिंडों के निर्माण संबंधी नई जानकारी प्राप्त होगी।
- नई अंतरिक्ष तकनीक: AI आधारित स्वायत्त अन्वेषण तकनीकों का विकास होगा।
- भविष्य के मिशनों का मार्ग प्रशस्त: प्रत्यक्ष नमूनाकरण (In-situ Sampling) तकनीक भविष्य के ग्रह अन्वेषण अभियानों में उपयोगी होगी।
NIAC (NASA Innovative Advanced Concepts)
- यह NASA का एक कार्यक्रम है।
- उद्देश्य: भविष्य की क्रांतिकारी अंतरिक्ष तकनीकों एवं मिशन अवधारणाओं को प्रारंभिक चरण में वित्तीय सहायता देना।
- Phase-I में अवधारणा (Concept) का अध्ययन एवं व्यवहार्यता परीक्षण किया जाता है।
- Phase-II में प्रोटोटाइप निर्माण एवं विस्तृत परीक्षण किए जाते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts)
तथ्य विवरण
- मिशन: PRAXIS
- पूरा नाम: Planetary Rings Autonomous eXploration with In-situ Sampling
- चयन: NASA NIAC 2026 Phase-I
- उद्देश्य: ग्रहों के वलयों से प्रत्यक्ष नमूना संग्रह
- प्रमुख ग्रह: शनि, यूरेनस, नेपच्यून
- प्रमुख तकनीक: AI आधारित स्वायत्त रोबोटिक प्रणाली
- नमूना विधि: Touch-and-Go Sampling
Exam Booster Facts
- PRAXIS ग्रहों के वलयों से प्रत्यक्ष नमूना लेने वाला पहला प्रस्तावित मिशन है।
- शनि के वलय मुख्यतः जल-बर्फ से बने हैं।
- Cassini–Huygens मिशन ने शनि के वलयों का विस्तृत अध्ययन किया था।
- NIAC भविष्य की उन्नत अंतरिक्ष तकनीकों के विकास को बढ़ावा देता है।
UPSC/RAS प्रारंभिक परीक्षा हेतु संभावित प्रश्न
प्रश्न 1. हाल ही में चर्चा में रहा PRAXIS मिशन किससे संबंधित है?
(a) मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने से
(b) ग्रहों के वलयों से प्रत्यक्ष नमूना संग्रह करने से
(c) चंद्रमा पर खनन से
(d) अंतरिक्ष मलबे को हटाने से
उत्तर: (b) ✅
प्रश्न 2. PRAXIS मिशन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- इसका चयन NASA के NIAC Phase-I के अंतर्गत किया गया है।
- इसका उद्देश्य ग्रहों के वलयों से प्रत्यक्ष नमूना संग्रह करना है।
- इसमें AI आधारित स्वायत्त रोबोटिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) 1, 2 और 3 ✅
UPSC/RAS मुख्य परीक्षा (GS-3)
Q.)"ग्रहों के वलयों का प्रत्यक्ष अध्ययन सौर मंडल की उत्पत्ति एवं विकास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। PRAXIS मिशन के संदर्भ में इसकी वैज्ञानिक उपयोगिता तथा AI आधारित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।" (150 शब्द)