- स्थान: सांडेराव गांव, सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र, पाली
- शुभारंभ: कैबिनेट मंत्री (पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग) जोराराम कुमावत द्वारा 9 अगस्त 2026 को इस सेंटर के प्रशासनिक भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया।
- उपलब्धि: यह देश का प्रथम एवं एकमात्र ऐसा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंडिजिनस फार्म' है, जहाँ एक साथ गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊंट और घोड़े की 30 प्रजातियों का सैक्स सोर्टेड सीमन, कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार व संवर्धन किया जाएगा।
- क्षेत्र और लागत: करीब 200 बीघा भूमि पर लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत।
- ग्रीन टेक्नोलॉजी: परिसर में सौर ऊर्जा का उपयोग, उन्नत वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित की जाएगी।
- प्रशासनिक: परियोजना सुचारू संचालन हेतु वित्त विभाग द्वारा कुल 15 पदों (07 स्थायी + 08 संविदा) का सृजन।
- राजस्थान की प्रमुख पशु नस्लें एवं उनका संवर्धन-
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क्र. |
पशु |
प्रमुख नस्लें / प्रजातियाँ |
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1. |
गाय |
गिर, कॉकरेंच, राठी, थारपारकर, साहिवाल, नागौरी, मालवी, हरियाणा, पुंगनूर (आंध्र प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध छोटी नस्ल) 🐄 |
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2. |
भैंस |
मुर्रा, सूरती, जाफराबादी, मेहसाना। 🐃 |
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3. |
भेड़ |
मगरा, मारवाड़ी, नाली, चोकला, पूगल, जैसलमेरी, मालपुरा, सोनाड़ी। 🐑 |
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4. |
बकरी |
बारबरी, सिरोही, जमनापारी, जखराना, सोजत, मारवाड़ी। 🐐 |
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5. |
ऊंट |
जैसलमेरी, बीकानेरी। 🐪 |
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6. |
घोड़ा |
मारवाड़ी। (राजस्थान की एकमात्र घोड़ों की प्रजाति) 🐎 |