तिथि: 19 जुलाई 2026
चर्चा में क्यों?
- हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने स्काईरूट एयरोस्पेस को विक्रम-1 (Vikram-1) मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी। टीडीबी ने कहा कि नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022 के माध्यम से स्काईरूट की तकनीकी क्षमता को प्रारंभिक स्तर पर दी गई पहचान अब सही सिद्ध हुई है।
प्रमुख बिंदु
- स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-1 मिशन की सफल उपलब्धि हासिल की।
- यह भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र (Private Space Sector) की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
- स्काईरूट को नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022 से सम्मानित किया जा चुका है।
- पुरस्कार प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) द्वारा प्रदान किया गया था।
- कंपनी ने RDI Fund (Research, Development & Innovation Fund) के तहत टीडीबी को नया प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है।
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) क्या है?
- स्थापना: 1996
- मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
- उद्देश्य: स्वदेशी तकनीकों के विकास, व्यावसायीकरण तथा उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- यह नवाचार आधारित स्टार्ट-अप और उद्योगों को ऋण, इक्विटी तथा अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है।
स्काईरूट एयरोस्पेस
- मुख्यालय: हैदराबाद
- भारत की अग्रणी निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी।
- छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण हेतु स्वदेशी लॉन्च वाहन विकसित कर रही है।
- कंपनी ने क्रायोजेनिक, तरल (Liquid) और ठोस (Solid) प्रणोदन तकनीक विकसित की है।
विक्रम-1 मिशन का महत्व
- भारत के निजी क्षेत्र द्वारा विकसित स्वदेशी प्रक्षेपण यान की महत्वपूर्ण सफलता।
- भारत की वैश्विक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षमता को मजबूत करता है।
- छोटे उपग्रह प्रक्षेपण (Small Satellite Launch Market) में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति बेहतर होगी।
- निजी अंतरिक्ष उद्योग में निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022
- प्रदानकर्ता: प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB), DST
- उद्देश्य:
- स्वदेशी तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करना।
- उच्च व्यावसायीकरण क्षमता वाले स्टार्ट-अप की पहचान करना।
- तकनीकी उत्कृष्टता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना।
RDI Fund (Research, Development & Innovation Fund)
- अनुसंधान, विकास एवं नवाचार आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने हेतु पहल।
- तकनीकी स्टार्ट-अप और उद्योगों को नवाचार आधारित परियोजनाओं के लिए सहायता प्रदान करता है।
- स्काईरूट एयरोस्पेस ने इस फंड के अंतर्गत नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
इस उपलब्धि का महत्व
- आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा: स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और निजी उद्योग की क्षमता मजबूत होगी।
- निजी अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार: निजी कंपनियों की भागीदारी और निवेश बढ़ेगा।
- स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन: नवाचार आधारित स्टार्ट-अप को प्रारंभिक स्तर पर संस्थागत समर्थन मिलेगा।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: भारत छोटे उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में मजबूत स्थान बना सकेगा।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: उन्नत प्रणोदन (Propulsion) और लॉन्च तकनीकों के विकास को गति मिलेगी।
परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)
तथ्य विवरण
- मिशन: विक्रम-1
- कंपनी: स्काईरूट एयरोस्पेस
- पुरस्कार: नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022
- प्रदानकर्ता: प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB), DST
- प्रमुख तकनीक: क्रायोजेनिक, तरल एवं ठोस प्रणोदन
- महत्व: भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि
संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न
प्रश्न 1. हाल ही में चर्चा में रहा विक्रम-1 किससे संबंधित है?
(a) परमाणु ऊर्जा संयंत्र
(b) निजी क्षेत्र द्वारा विकसित प्रक्षेपण यान
(c) समुद्री अनुसंधान पोत
(d) मानव रहित लड़ाकू विमान
उत्तर: (b)
प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कार्य करता है।
- स्काईरूट एयरोस्पेस को नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022 से सम्मानित किया गया था।
- विक्रम-1 मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से संबंधित है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न
Q.) "भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास में स्टार्ट-अप की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 मिशन के संदर्भ में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) द्वारा दिए जाने वाले संस्थागत समर्थन के महत्व की विवेचना कीजिए।" (150 शब्द)
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB),
— “नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022 के जरिए टीडीबी-डीएसटी ने स्काईरूट की तकनीकी उत्कृष्टता को प्रारंभिक स्तर पर मिली पहचान सही सिद्ध हुई”