Menu

स्मार्ट सीड कोटिंग तकनीक 

Read in:
  • जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीली कृषि (Climate Resilient Agriculture) को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने के लिए एक पेटेंट-प्राप्त 'बायोपॉलिमर-आधारित स्मार्ट सीड कोटिंग तकनीक' (Bio-polymer-based Smart Seed Coating Technology) विकसित और प्रदर्शित की है। 

  • विकासकर्ता: आईसीएआर-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIOR), हैदराबाद।

  • तकनीक बायोडिग्रेडेबल (जैव अपघटनीय) पदार्थों का उपयोग करके बीजों के चारों ओर एक बहुक्रियाशील सुरक्षात्मक परत का निर्माण।

  • यह परत लाभकारी सूक्ष्मजीवों, पोषक तत्वों, सूक्ष्म पोषक तत्वों, फसल सुरक्षा एजेंटों और पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देने वाले यौगिकों के लिए एक वाहक प्रणाली के रूप में कार्य करती है, और इन्हें सीधे बीज-मिट्टी के संपर्क केन्‍द्र में पहुंचाती है।

  • परिणाम/प्रभाव: तेलंगाना में मूंगफली और सोयाबीन की उपज में लगभग 30% की वृद्धि।

    • बहु-स्थानिक अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) परीक्षणों में विभिन्न फसलों (सोयाबीन, मक्का, मूंगफली, चना, कपास आदि) की उत्पादकता में 12-37% की वृद्धि।

  • उपयोगिता: यह अनाज, बाजरा, दालें, तिलहन, वाणिज्यिक फसलों (रेशे वाली), और बागवानी फसलों के लिए अनुकूलित की जा सकती है।

    • यह तकनीक विशेष रूप से वर्षा आधारित कृषि के लिए प्रासंगिक है, जो भारत के कृषि योग्य क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा है और जलवायु संबंधी अनिश्चितताओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

  • बायोपॉलिमर (Bio-polymer): यह बायोडिग्रेडेबल होते हैं तथा मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुँचाए बिना घुल जाते हैं। यह मिट्टी में हानिकारक रसायनों के संचय को रोकते हैं।