- शुभारंभ: दूधतलाई वन परिक्षेत्र, उदयपुर (1 अगस्त 2026)
- चंदन वन परियोजना-
- कुल लागत: ₹33 करोड़
- प्रथम चरण में चार जिलों में विकास-
⇒ बांसवाड़ा, उदयपुर, सिरोही, एवं प्रतापगढ़
(Tricks: ‘BUS-P’)

- मिशन हरियालो राजस्थान का लक्ष्य-
- 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का दीर्घकालिक लक्ष्य (2 वर्षों में ~20 करोड़ लगाए)
- वर्तमान मानसून सीजन लक्ष्य: 10 करोड़ पौधारोपण।
- निगरानी व स्थानीय अवसंरचना-
- पौधों की जियो-टैगिंग तथा वन मित्र व वृक्ष मित्रों द्वारा नियमित देखरेख।
- प्रत्येक जिला मुख्यालय पर नमो नर्सरी तथा पंचायत समिति स्तर पर नमो वन का विकास।
- दुर्गम पहाड़ी/वन क्षेत्रों हेतु ड्रोन सीडिंग (Aerial Seeding) प्रक्रिया की शुरुआत।
- राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना के तहत 13 जिलों के 600 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ₹6 करोड़ की आजीविका प्रोत्साहन राशि।
- सांस्कृतिक संदर्भ व इतिहास-
- खेजड़ली बलिदान (मां अमृता देवी तथा 363 शहीदों) के ऐतिहासिक वृक्ष संरक्षण उदाहरण का स्मरण।
- स्कंदपुराण श्लोक संदर्भ: "दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब, दस तालाबों के बराबर एक पुत्र तथा दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है।"
Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार।