- 19 जुलाई 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने स्काईरूट एयरोस्पेस को उसके विक्रम-1 (Vikram-1) मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी। यह भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पृष्ठभूमि
- स्काईरूट एयरोस्पेस भारत का अग्रणी निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप है।
- कंपनी ने विक्रम-1 नामक स्वदेशी प्रक्षेपण यान (Launch Vehicle) विकसित किया।
- विक्रम-1 की सफलता ने भारत को निजी अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता वाले देशों की श्रेणी में और मजबूत किया।
- यह उपलब्धि 'मेक इन इंडिया', आत्मनिर्भर भारत तथा भारतीय स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मील का पत्थर है।
TDB (Technology Development Board)
- प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय है।
उद्देश्य
- स्वदेशी तकनीकों का व्यावसायीकरण (Commercialization)।
- नवाचार आधारित स्टार्टअप एवं उद्योगों को वित्तीय सहायता।
- अनुसंधान को बाजार तक पहुँचाना।
- Deep-Tech एवं उच्च प्रौद्योगिकी उद्यमों को प्रोत्साहन देना।
National Technology Start-up Award 2022
- स्काईरूट एयरोस्पेस को National Technology Start-up Award 2022 से सम्मानित किया गया था।
पुरस्कार मिलने का कारण
- स्वदेशी क्रायोजेनिक (Cryogenic), तरल (Liquid) एवं ठोस (Solid) प्रणोदन (Propulsion) तकनीकों का विकास।
- छोटे उपग्रहों (Small Satellites) के लिए स्वदेशी प्रक्षेपण प्रणाली विकसित करना।
- तकनीकी उत्कृष्टता एवं व्यावसायिक क्षमता का प्रदर्शन।
विक्रम-1 मिशन का महत्व
- भारत का स्वदेशी निजी लॉन्च व्हीकल।
- छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण हेतु विकसित।
- भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि।
- भारत को वैश्विक स्पेस लॉन्च मार्केट में मजबूत पहचान।
उद्देश्य
- अनुसंधान, विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देना।
- उच्च तकनीक आधारित परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास एवं व्यावसायीकरण।
भारत के लिए महत्व
- निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को नई गति।
- स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा।
- आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूती।
- उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण एवं रोजगार में वृद्धि।
- वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।