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प्रश्न: दसवीं अनुसूची: दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) (RAS)

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उत्तर: 

  • इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान में शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य 'आया राम, गया राम' की राजनीति को समाप्त कर राजनीतिक स्थिरता लाना है।

मुख्य प्रावधान :

अयोग्यता के आधार :

  1. संसदीय/विधानसभा सदस्य: स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता त्यागने या पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर मतदान करने/अनुपस्थित रहने पर।
  2. निर्दलीय सदस्य: चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने पर।
  3. मनोनीत सदस्य: पद ग्रहण करने के 6 माह बाद किसी दल में शामिल होने पर।
  • अपवाद: यदि किसी दल के कम से कम 2/3 सदस्य किसी अन्य दल में विलय  करते हैं, तो अयोग्यता लागू नहीं होती 
  • निर्णायक प्राधिकरण: सदन के अध्यक्ष/सभापति को अयोग्यता पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है (किहोतो होलोहन केस, 1992 के अनुसार यह निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है)।

महत्व (Significance)

  1. राजनीतिक स्थिरता: सरकारों को असंवैधानिक या अनैतिक तरीकों से गिराने पर रोक लगाई।
  2. जनादेश का सम्मान: मतदाताओं द्वारा पार्टी के चुनाव चिह्न पर दिए गए वोट का सम्मान सुनिश्चित किया।
  3. पार्टी अनुशासन: राजनीतिक दलों में अनुशासन और व्हिप का पालन सुनिश्चित किया।
  4. भ्रष्टाचार पर अंकुश: अवसरवादी दल-बदल और 'हॉर्स-ट्रेडिंग' (खरीद-फरोख्त) की प्रवृत्ति पर लगाम लगाई।