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अगली पीढ़ी की रिचार्जेबल बैटरियों के लिए अल्ट्रा-फास्ट कार्बनिक एनोड विकसित (UPSC/RAS/PSI)

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तिथि: 17 जुलाई 2026

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारतीय विज्ञान संवर्धन संघ (IACS) और एस. एन. बोस राष्ट्रीय बुनियादी विज्ञान केंद्र (SNBNCBS) के वैज्ञानिकों ने लिथियम-आयन बैटरियों के लिए एक नया छिद्रयुक्त कार्बनिक एनोड (Porous Organic Anode) विकसित किया है। यह नई सामग्री बैटरी को लगभग 1 मिनट में 80% तक चार्ज करने में सक्षम बनाती है तथा लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन बनाए रखती है।

प्रमुख बिंदु

  • IACS एवं SNBNCBS के वैज्ञानिकों ने नया कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (COF) आधारित एनोड विकसित किया।
  • बैटरी लगभग 1 मिनट में 80% तक चार्ज हो सकती है।
  • सामग्री में लिथियम आयनों का तीव्र संचलन संभव हुआ।
  • यह सोडियम-आयन बैटरियों के लिए भी उपयुक्त पाई गई।
  • यह तकनीक भविष्य की तेज़, सुरक्षित और टिकाऊ रिचार्जेबल बैटरियों के विकास में सहायक होगी।

कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (COF) क्या है?

  • COF एक छिद्रयुक्त (Porous) तथा क्रिस्टलीय कार्बनिक पदार्थ है।
  • यह हल्का, उच्च सतह क्षेत्र (High Surface Area) वाला तथा रासायनिक रूप से स्थिर होता है।
  • इसकी छिद्रयुक्त संरचना आयनों के तेज़ आवागमन को संभव बनाती है।
  • इसका उपयोग ऊर्जा भंडारण, गैस भंडारण, उत्प्रेरण (Catalysis) तथा सेंसर में भी किया जाता है।

नई तकनीक कैसे कार्य करती है?

  • COF आधारित एनोड की छिद्रयुक्त संरचना लिथियम आयनों को तेजी से अंदर-बाहर जाने देती है।
  • इससे बैटरी का चार्जिंग समय काफी कम हो जाता है।
  • कई बार चार्ज-डिस्चार्ज होने के बाद भी इसकी क्षमता और स्थिरता बनी रहती है।
  • यही सामग्री सोडियम आयनों को भी संग्रहित कर सकती है।

प्रमुख लाभ

  1.  अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग:  लगभग 1 मिनट में 80% चार्ज।
  2.  लंबा जीवनकाल: बार-बार चार्ज एवं डिस्चार्ज के बाद भी उत्कृष्ट प्रदर्शन।
  3.  सुरक्षित बैटरियाँ: कार्बनिक सामग्री होने के कारण अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ।
  4.  कम लागत: भविष्य में किफायती ऊर्जा भंडारण समाधान विकसित करने की संभावना।
  5.  सोडियम-आयन बैटरियों की संभावना: लिथियम के विकल्प के रूप में कम लागत वाली सोडियम-आयन बैटरियों के विकास का मार्ग प्रशस्त।

संभावित अनुप्रयोग

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
  • स्मार्टफोन
  • लैपटॉप
  • ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Energy Storage Systems)
  • नवीकरणीय ऊर्जा (सौर एवं पवन ऊर्जा)
  • ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण

इस शोध का महत्व

  1.  ऊर्जा संक्रमण: स्वच्छ ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति मिलेगी।
  2.  तेज़ चार्जिंग: EV चार्जिंग समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
  3.  सतत विकास: सुरक्षित, टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल बैटरियों का विकास होगा।
  4.  वैज्ञानिक नवाचार: उन्नत कार्बनिक पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
  5.  भविष्य की बैटरियाँ: अगली पीढ़ी की उच्च प्रदर्शन वाली लिथियम एवं सोडियम-आयन बैटरियों का मार्ग प्रशस्त होगा।

परीक्षा की दृष्टि से तथ्य (Prelims Facts)

तथ्य विवरण

  • विकसित सामग्री: कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (COF)
  • उपयोग: लिथियम-आयन एवं सोडियम-आयन बैटरियाँ
  • प्रमुख उपलब्धि: लगभग 1 मिनट में 80% चार्ज
  • संस्थान: IACS एवं SNBNCBS
  • मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
  • प्रमुख विशेषता: तेज़ आयन परिवहन एवं उच्च स्थिरता

संभावित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) प्रश्न

प्रश्न 1. हाल ही में विकसित कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (COF) मुख्यतः किस क्षेत्र से संबंधित है?

(a) जैव ईंधन उत्पादन
(b) ऊर्जा भंडारण एवं बैटरी प्रौद्योगिकी
(c) अंतरिक्ष दूरबीन
(d) परमाणु रिएक्टर

उत्तर: (b)

प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. COF एक छिद्रयुक्त कार्बनिक पदार्थ है।
  2. नई COF सामग्री लिथियम तथा सोडियम दोनों आयनों का भंडारण कर सकती है।
  3. इस तकनीक से विकसित बैटरी लगभग 1 मिनट में 80% तक चार्ज हो सकती है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)

मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न

Q.) "ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी में उन्नत सामग्री (Advanced Materials) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। हाल ही में विकसित कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (COF) आधारित अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग एनोड के संदर्भ में भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर इसके संभावित प्रभावों की विवेचना कीजिए।" (150 शब्द)

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB),

— "अगली पीढ़ी की रिचार्जेबल बैटरियों के लिए अल्ट्रा-फास्ट कार्बनिक एनोड डिज़ाइन किए गए"