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➔‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’ व राजस्थान की उपलब्धियां (RAS/PSI)

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  • राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की रैंकिंग-
  • आंध्र प्रदेश के बाद देश में द्वितीय स्थान
  • आंध्र प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के बाद देश में तृतीय स्थान
  • राज्य का लक्ष्य: 2.5 लाख किसानों को जोड़कर 1 लाख हेक्टेयर।
  • प्रमुख राज्य स्तरीय योजनाएँ व प्रावधान-
  •  प्राकृतिक कृषि-
  • ऐसी कृषि पद्धति है जिसमें प्रकृति के अनुरूप खेती की जाती है तथा मिट्टी, जल, जैव विविधता और सूक्ष्मजीवों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने पर विशेष बल दिया जाता है।
  • इसमें स्थानीय संसाधनों, विशेषकर देशी गाय आधारित जैविक घोल, फसल अवशेष, मल्चिंग तथा मिश्रित खेती का उपयोग किया जाता है।
  •  रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आती है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं।
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन 25 नवंबर 2024 को प्रारम्भ किया गया, जिसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। इसके तहत देशभर में 527 कृषि विज्ञान केंद्र, 76 कृषि विश्वविद्यालय, 194 स्थानीय प्राकृतिक खेती संस्थान तथा 18 उत्कृष्टता केंद्र मिशन अंतर्गत किसानों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ प्रति वर्ष 4 हजार रुपये की प्रोत्साहन सहायता राशि दो वर्षों तक उपलब्ध करवाई जा रही है।
  • नीति आयोग की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक खेती अपनाने वाले लगभग 91% किसानों के उत्पादन में वृद्धि हुई तथा लगभग 90% किसानों की उत्पादन लागत में कमी आई।

Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार।