- राजस्थान के भौगोलिक प्रदेशों का निर्धारण सर्वप्रथम प्रो. वी.सी. मिश्रा ने 'राजस्थान का भूगोल' पुस्तक में किया जिसका प्रकाशन 'नेशनल बुक ट्रस्ट' द्वारा 1968 में किया गया।
- उन्होंने राजस्थान को सात भौगोलिक प्रदेशों में विभक्त किया, जो निम्न प्रकार हैं:-
1. पश्चिमी शुष्क प्रदेश
- विशेषता: शुष्क रेगिस्तानी मैदान, वार्षिक वर्षा 15 से 25 से.मी.।
- जिले: जैसलमेर, बाड़मेर, द.पू. बीकानेर, पश्चिमी जोधपुर, द.प. चूरू तथा पश्चिमी नागौर।
2. अर्द्ध-शुष्क प्रदेश
- विशेषता: अरावली के पश्चिम का शुष्क प्रदेश, वार्षिक वर्षा 25 से 50 से.मी.।
- जिले: जालौर, पाली, नागौर, झुंझुनू, उ.पू. चूरू व द.पू. जोधपुर।
3. नहरी क्षेत्र
- विशेषता: सिंचित रेगिस्तानी मैदान, वार्षिक वर्षा 15 से 25 से.मी.।
- जिले: गंगानगर, पश्चिमी बीकानेर और उत्तरी जैसलमेर।
4. अरावली प्रदेश
- विशेषता: अरावली की पहाड़ियाँ, वार्षिक वर्षा 30 से 60 से.मी.।
- जिले: उदयपुर, द.पू. पाली व पश्चिमी डूंगरपुर।
5. पूर्वी कृषि-औद्योगिक प्रदेश
- विशेषता: मैदानी व पठारी अर्द्ध शुष्क प्रदेश, वार्षिक वर्षा 50 सेमी से अधिक।
- जिले: जयपुर, अजमेर, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, बून्दी, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और कोटा शहर।
6. दक्षिणी-पूर्वी कृषि प्रदेश
- विशेषता: विन्ध्यन व लावा पठार, वार्षिक वर्षा 50 सेमी से अधिक।
- जिले: पूर्वी डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, झालावाड़।
7. चम्बल बीहड़ प्रदेश
- विशेषता: चम्बल के बीहड़, वार्षिक वर्षा 50 से.मी. से अधिक।
- जिले: सवाई माधोपुर और धौलपुर।