चर्चा में क्यों?
- जून 2026 में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने GAGAN का उपयोग करते हुए भारत में पहली बार एक व्यावसायिक जेट विमान की Satellite-Based Landing System Approach को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया। इससे GAGAN की विश्वसनीयता और उपयोगिता सिद्ध हुई।
GAGAN: GAGAN (GPS Aided GEO Augmented Navigation) भारत की Satellite Based Augmentation System (SBAS) है।
विकास:
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI)
मुख्य उद्देश्य: GPS की सटीकता , विश्वसनीयता और उपलब्धता को बढ़ाना, विशेषकर विमानों की सुरक्षित उड़ान एवं लैंडिंग के लिए
GAGAN विकसित करने की आवश्यकता क्यों
- सामान्य GPS मे मौसम का प्रभाव पड़ सकता है,कुछ मीटर तक त्रुटि हो सकती है तथा पायलट को यह जानकारी नहीं मिलती कि GPS सिग्नल भरोसेमंद है या नहीं।
- GAGAN:GPS की त्रुटियों को रियल-टाइम में सुधारता है।
- यदि GPS सिग्नल सुरक्षित नहीं है तो तुरंत चेतावनी देता है।
- विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करता है।
GAGAN कैसे कार्य करता है:
- GAGAN पाँच प्रमुख घटकों पर आधारित है
| घटक | कार्यप्रणाली |
| 1. Indian Reference Stations (INRES) | GPS सिग्नलों की निगरानी |
| 2. Indian Master Control Centres (INMCC) | डेटा प्रोसेस कर सुधार (Correction) तैयार करना |
| 3. Indian Land Uplink Stations (INLUS) | सुधार संदेश उपग्रह तक भेजना |
| 4. Communication Network | सभी स्टेशनों को जोड़ना |
| 5. GAGAN Payload वाले Geostationary Satellites | सुधरे हुए सिग्नल प्रसारित करना |
GAGAN में प्रयुक्त उपग्रह : GAGAN पेलोड निम्न भू-स्थिर (Geostationary) उपग्रहों पर स्थापित है:
- GSAT-8
- GSAT-10
- GSAT-15
- भू-स्थिर (Geostationary) उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के समान गति से घूमते हैं, इसलिए पृथ्वी से देखने पर एक ही स्थान पर स्थित दिखाई देते हैं!
- NavIC = भारत का Navigation System
- GAGAN = GPS का सुधारक (GPS Enhancer)
GAGAN की प्रमुख विशेषताएँ
- भारत की पहली SBAS प्रणाली।
- 2015 से पूर्ण रूप से संचालित।
- भूमध्यरेखीय क्षेत्र के लिए प्रमाणित पहला SBAS।
- ICAO (अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन) मानकों के अनुरूप।
- सुरक्षित लैंडिंग एवं हवाई यातायात प्रबंधन में सहायक।
- भारत को अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे देशों की श्रेणी में लाता है।
GAGAN के उपयोग
- विमानन : सुरक्षित उड़ान,सटीक लैंडिंग,कम दृश्यता में भी संचालन
- समुद्री परिवहन : जहाजों की सटीक स्थिति
- सड़क परिवहन : Fleet Management,Intelligent Transport System
- रेलवे : सुरक्षित संचालन
- आपदा प्रबंधन : राहत एवं बचाव कार्य
- रक्षा : सटीक नेविगेशन
- दूरसंचार : नेटवर्क सिंक्रोनाइजेशन
- सर्वेक्षण एवं मैपिंग : अधिक सटीक भू-स्थानिक मानचित्रण