- जारीकर्ता: विश्व बैंक
- वर्गीकरण जारी: प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई
- आधार: पिछले कैलेंडर वर्ष की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per Capita)
भारत की स्थिति
- भारत निम्न-मध्यम आय (Lower-Middle Income) श्रेणी में बना हुआ है।
- 2025 में प्रति व्यक्ति GNI: 2,760 अमेरिकी डॉलर
- भारत वर्ष 2009 से इसी श्रेणी में है।
इस वर्ष उच्च आय वर्ग में उन्नत देश
- निम्न-मध्यम आय से उच्च-मध्यम आय: श्रीलंका,वियतनाम,फिलीपींस,जॉर्डन और माइक्रोनेशिया
- निम्न आय से निम्न-मध्यम आय: टोगो
विश्व बैंक का आय वर्गीकरण (FY27)
- आय श्रेणी: प्रति व्यक्ति GNI (2025)
- निम्न आय: 1,175 अमेरिकी डॉलर या उससे कम
- निम्न-मध्यम आय: 1,176 – 4,635 अमेरिकी डॉलर
- उच्च-मध्यम आय: 4,636 – 14,375 अमेरिकी डॉलर
- उच्च आय: 14,375 अमेरिकी डॉलर से अधिक
वर्गीकरण कैसे किया जाता है?
- आधार प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per Capita) है।
- GNI की गणना एटलस पद्धति (Atlas Method) से की जाती है।
- यह पद्धति विनिमय दरों के उतार-चढ़ाव और मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करके देशों के बीच तुलनात्मक विश्लेषण को अधिक सटीक बनाती है।
- प्रत्येक वर्ष आय-सीमाओं का संशोधन SDR Deflator के आधार पर किया जाता है।
इस वर्गीकरण का महत्त्व
- विश्व बैंक के IDA एवं IBRD से ऋण पात्रता निर्धारित करने में सहायता।
- विदेशी सहायता एवं विकास वित्त के आवंटन का आधार।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रियायतों की पात्रता निर्धारित करने में उपयोग।
- जलवायु वित्त के वितरण में प्राथमिकता तय करने में सहायक।
- निवेशकों को किसी देश के आर्थिक विकास स्तर का संकेत।
- सरकारों को आर्थिक नीतियाँ बनाने तथा मिडल-इनकम ट्रैप से बचने की रणनीति तैयार करने में सहायता।
GNI प्रति व्यक्ति की सीमाएँ
- यह केवल औसत आय दर्शाता है।
- आय असमानता, गरीबी, संपत्ति वितरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता एवं संस्थागत गुणवत्ता जैसे पहलुओं को प्रतिबिंबित नहीं करता।
- इसलिए यह किसी देश के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास का पूर्ण मापदंड नहीं माना जाता।