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विश्व बैंक की आय वर्गीकरण प्रणाली: 2027 (UPSC/RAS)

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  • जारीकर्ता: विश्व बैंक 
  • वर्गीकरण जारी: प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई
  • आधार: पिछले कैलेंडर वर्ष की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per Capita)

भारत की स्थिति

  1. भारत निम्न-मध्यम आय (Lower-Middle Income) श्रेणी में बना हुआ है।
  2. 2025 में प्रति व्यक्ति GNI: 2,760 अमेरिकी डॉलर
  3. भारत वर्ष 2009 से इसी श्रेणी में है।

इस वर्ष उच्च आय वर्ग में उन्नत देश

  1. निम्न-मध्यम आय से उच्च-मध्यम आय: श्रीलंका,वियतनाम,फिलीपींस,जॉर्डन और माइक्रोनेशिया
  2. निम्न आय से निम्न-मध्यम आय: टोगो

विश्व बैंक का आय वर्गीकरण (FY27)

  • आय श्रेणी: प्रति व्यक्ति GNI (2025)
  1. निम्न आय: 1,175 अमेरिकी डॉलर या उससे कम
  2. निम्न-मध्यम आय: 1,176 – 4,635 अमेरिकी डॉलर
  3. उच्च-मध्यम आय: 4,636 – 14,375 अमेरिकी डॉलर
  4. उच्च आय: 14,375 अमेरिकी डॉलर से अधिक

वर्गीकरण कैसे किया जाता है?

  1. आधार प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per Capita) है।
  2. GNI की गणना एटलस पद्धति (Atlas Method) से की जाती है।
  3. यह पद्धति विनिमय दरों के उतार-चढ़ाव और मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करके देशों के बीच तुलनात्मक विश्लेषण को अधिक सटीक बनाती है।
  4. प्रत्येक वर्ष आय-सीमाओं का संशोधन SDR Deflator के आधार पर किया जाता है।

इस वर्गीकरण का महत्त्व

  1. विश्व बैंक के IDA एवं IBRD से ऋण पात्रता निर्धारित करने में सहायता।
  2. विदेशी सहायता एवं विकास वित्त के आवंटन का आधार।
  3. अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रियायतों की पात्रता निर्धारित करने में उपयोग।
  4. जलवायु वित्त के वितरण में प्राथमिकता तय करने में सहायक।
  5. निवेशकों को किसी देश के आर्थिक विकास स्तर का संकेत।
  6. सरकारों को आर्थिक नीतियाँ बनाने तथा मिडल-इनकम ट्रैप से बचने की रणनीति तैयार करने में सहायता।

GNI प्रति व्यक्ति की सीमाएँ

  • यह केवल औसत आय दर्शाता है।
  • आय असमानता, गरीबी, संपत्ति वितरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता एवं संस्थागत गुणवत्ता जैसे पहलुओं को प्रतिबिंबित नहीं करता।
  • इसलिए यह किसी देश के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास का पूर्ण मापदंड नहीं माना जाता।