उत्तर:
- "मंत्रिपरिषद के सदस्य साथ-साथ तैरते तथा साथ-साथ डूबते हैं। ये कथन भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 164 (2) - सामूहिक उत्तरदायित्व की ओर संकेत इंगित करता है। इस कथन से तात्पर्य हैं-
- किसी एक मंत्री के निर्णय हेतु संपूर्ण मंत्रिपरिषद उत्तरदायी होगी।
- किसी एक मंत्री का निर्णय सभी मंत्रियों/सदस्यों का सामूहिक निर्णय होता हैं।
- कैबिनेट द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय सम्पूर्ण मंत्रिपरिषद् का सामूहिक निर्णय होगा।
- कोई भी मंत्री इस निर्णय के विरुद्ध नहीं जा सकता।
- किसी एक मंत्री की त्रुटि, सम्पूर्ण मंत्रिपरिषद् की त्रुटि मानकर उससे त्यागपत्र माँगा जा सकता है।
- विधानसभा में किसी मंत्री द्वारा किसी निर्णय से असहमति रखते हुए भी उस निर्णय के पक्ष में मत व्यक्त करना ही सामूहिक उत्तरदायित्व है।